वाशिंगटन : अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी का मानना है कि यदि फलस्तीन और इस्राइल के बीच शांति वार्ता दोबारा शुरु होती हैं तो भविष्य के फलस्तीन के लिए सीमा रेखाएं तय करना और इस्राइल के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर सहमति ‘‘आवश्यक’’ होगी.
इस्राइल में पूर्व अमेरिकी राजदूत दमार्टिन इंडिक ने पिछले महीने इस्राइल और फलस्तीनियों के बीच वार्ता विफल होने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणियों में उम्मीद जताई थी कि वार्ता जल्द ही दोबारा शुरु हो सकती है. उन्होंने पिछले गुरवार को कहा था कि हालांकि दोनों पक्षों ने ‘लचीलापन’ दिखाया था लेकिन यह स्पष्ट था कि ‘‘वे शांति स्थापना के लिए एक सीमा से अधिक अपने हितों को कुर्बान करने की जरुरत महसूस नही करते.’’
हालांकि केरी का मानना है कि यदि शांति वार्ताएं दोबारा शुरु होती हैं तो दोनों पक्षों को भविष्य के फलस्तीन की सीमाएं तय करने और शरणार्थियों एवं यरुशलम जैसे अहम मामलों के अलावा इस्राइल में सुरक्षा इंतजामों पर भी काम करना होगा.
