Nepal Floods death toll rises : नेपाल के रसुवा में भोटे कोशी नदी की बाढ़ से भारी बर्बादी हुई है. सात दिन बीत जाने के बाद भी हालात बेहद खराब हैं. नदियों और बिजली प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे लोगों और शवों को निकालने के लिए टीमें रात-दिन मलबा हटाने में लगी हैं. प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने फेसबुक पर बताया कि यह कोई आम बाढ़ नहीं थी, बल्कि पहाड़ों पर बर्फ और चट्टानें खिसकने से आई इस इलाके की सबसे बड़ी तबाही है.
1003 शव मिले, 11 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया गया
नेपाली सेना और पुलिस ने मिलकर अब तक 11,379 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. हालांकि 3,925 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश चल रही है. अस्पतालों में भर्ती 279 घायलों में से 168 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं. पीएम ने बताया कि अब तक 1003 शव बरामद हुए हैं, जिनकी पहचान कर उन्हें उनके परिवारों को सौंपा जा रहा है.
टनल में फंसे लोगों को निकालने में भारत भी कर रहा मदद
बाढ़ से कई बिजली प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान हुआ है. द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार नेपाली सेना ने अलग-अलग प्रोजेक्ट्स से 279 मजदूरों और कर्मचारियों को बाहर निकाला है. सुरंगों के रास्ते खोलने के लिए भारतीय और चीनी टीमें भी मदद कर रही हैं. पुल टूट जाने की वजह से रास्ते बंद हो गए थे, जिन्हें दोबारा शुरू करने के लिए भारत सरकार ने एक 230 फीट का स्टील पुल और सात अतिरिक्त बेली पुल देने का वादा किया है, जबकि चीन से भी 30 पुल मिलने वाले हैं.
बिजली-पानी और रास्तों को ठीक करने का काम जारी
बाढ़ से कटे इलाकों में अब तक 3,600 से ज्यादा लोगों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाया गया है. भारत, चीन, अमेरिका और यूएई समेत कई देशों से मदद आ रही है. त्रिशूली नदी के किनारे टूटी सड़कों को जोड़कर फिर से चालू कर दिया गया है ताकि गाड़ियां आ-जा सकें. धादिंग और नुवाकोट में ज्यादातर जगहों पर बिजली और मोबाइल नेटवर्क चालू कर दिया गया है.
बेघर हुए लोगों को दोबारा बसाएगी सरकार
प्रधानमंत्री ने कहा कि राहत फंड में देश-विदेश से मदद आ रही है. उन्होंने साफ कहा कि अब सरकार का सबसे बड़ा काम उन हजारों लोगों को दोबारा बसाना है जिनके घर-बार और परिवार इस भयानक आपदा में उजड़ गए हैं.
ये भी पढ़ें: MP Weather Kal Ka Mausam: कल 2 सितंबर को फिर बरसेंगे बादल, कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट; जानें अपने जिले का हाल
