जानें दादी-नानी के कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में

दैनिक जीवन में लोग कई छोटी-छोटी समस्याओं का सामना करते हैं और इलाज के तौर पर एलोपैथिक दवाएं लेते हैं. इसका साइड इफेक्ट भी हो सकता है, जबकि बुजुर्गों के बताये कई नुस्खे हैं, जो सदियों से आजमाये जा रहे हैं और बेहद प्रभावी भी हैं. जानिए कुछ उपाय. कीट, मधुमक्खी या बर्रे ने काट […]

दैनिक जीवन में लोग कई छोटी-छोटी समस्याओं का सामना करते हैं और इलाज के तौर पर एलोपैथिक दवाएं लेते हैं. इसका साइड इफेक्ट भी हो सकता है, जबकि बुजुर्गों के बताये कई नुस्खे हैं, जो सदियों से आजमाये जा रहे हैं और बेहद प्रभावी भी हैं. जानिए कुछ उपाय.
कीट, मधुमक्खी या बर्रे ने काट लिया हो, तो तुरंत फ्रिज से बर्फ निकालकर काटी हुई जगह पर हल्के-हल्के लगाते रहें. जलन व सूजन कम हो जायेगी.
बर्फ के टुकड़े को तौलिये में लपेटकर काटी हुई जगह पर 20 मिनट के लिए लगाएं. रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जायेंगी व जलन और सूजन नहीं होगी.
बेकिंग सोडा भी कीड़ों के काटने पर एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार है. इसकी क्षारीय प्रकृति कीड़ों के डंक को बेअसर करने में मदद करती है. इससे दर्द और लालिमा दूर होती है.
शिशु या बच्चे को चींटी, मधुमक्खी या ततैया ने काटा हो, तो घर में मौजूद टूथपेस्ट तुरंत काटे स्थान पर लगा लें. यह दर्द और सूजन को कम करता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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