गलत जीवनशैली के कारण कमजोर हो रही प्रजनन क्षमता, ये हैं महिलाओं में इनफर्टिलिटी के प्रमुख कारण

द वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2017 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ सालों में गर्भधारण न कर पाने के मामलों में करीब 20 फीसदी की वृद्धि हुई है. ऐसा सिर्फ महिलाओं में फर्टिलिटी कम होने से नहीं, बल्कि पुरुषों की फर्टिलिटी में गिरावट होने के कारण भी हुआ है. दंपती में इनफर्टिलिटी की समस्या देखने को […]

द वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2017 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ सालों में गर्भधारण न कर पाने के मामलों में करीब 20 फीसदी की वृद्धि हुई है. ऐसा सिर्फ महिलाओं में फर्टिलिटी कम होने से नहीं, बल्कि पुरुषों की फर्टिलिटी में गिरावट होने के कारण भी हुआ है. दंपती में इनफर्टिलिटी की समस्या देखने को मिल रही है. इसका प्रतिशत 50-50 है.
यानी 50 फीसदी समस्या महिलाओं में तो 50 फीसदी पुरुषों में दिक्कत होने के कारण ऐसा हो रहा है. इस समस्या में आइवीएफ ट्रीटमेंट कारगर उपाय है, हालांकि अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रति जानकारी का काफी अभाव है.
महिलाओं की प्रजनन आयु 20-44 साल के अनुपात में वृद्धि हुई है, लेकिन ऐसी महिलाएं जो करीब 30 वर्ष की हैं, वे भी इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रही हैं. बदलती जीवनशैली के साथ कॉन्ट्रासेप्टिव्स का अत्यधिक इस्तेमाल और पुरुषों में भी नपुंसकता की बढ़ती समस्या भारत में इनफर्टिलिटी की समस्या को 2020 तक बढ़ाने के प्रमुख कारण हैं.
महिलाओं में इनफर्टिलिटी के प्रमुख कारण
निष्क्रिय रहना : महिलाओं में जन्म से ही लाइफटाइम एग्स रिजर्व रहते हैं, लेकिन इसमें धीरे-धीरे क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों स्तर पर गिरावट देखी जाती है. इसका बड़ा कारण खुद को शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय न रखना भी है.
कैरियर की वजह से खुद को इग्नोर करना : ज्यादातर महिलाएं अपने कार्यक्षेत्र और कैरियर पर फोकस कर रही हैं. ऐसे में महिलाएं जॉब में सेटल होने के बाद गर्भधारण की प्लानिंग करती हैं, लेकिन बॉडी की बायोलॉजिकल क्लॉक के डिस्टर्ब होने और उम्र में बढ़ोतरी होने के कारण फर्टिलिटी घट रही है.
शहरी लाइफस्टाइल और मोटापा : पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होने के कारण अब महिलाएं भी अल्कोहल और तंबाकू का सेवन करती हैं. साथ ही जंक फूड का सेवन और फिजिकल एक्टिविटी से दूरी लाइफ स्टाइल में शामिल हैं. इस कारण महिलाओं में मोटापे के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे फर्टिलिटी रेट घट रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >