टीबी के खात्मे का लक्ष्य, डब्ल्यूएचओ की प्रयोग जारी, हर साल 5 लाख मरीजों की होती हैं मौत

टीबी की बीसीजी वैक्सीन अब ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रही है. टीबी के खात्मे और इस पर लगाम लगाने के मकसद से भारत समेत कई देशों में इस पर डब्ल्यूएचओ की अगुवाई में प्रयोग जारी है. इसी मकसद से पिछले दिनों आयोजित हुए एक सम्मेलन में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) की अधिकारी […]

टीबी की बीसीजी वैक्सीन अब ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रही है. टीबी के खात्मे और इस पर लगाम लगाने के मकसद से भारत समेत कई देशों में इस पर डब्ल्यूएचओ की अगुवाई में प्रयोग जारी है. इसी मकसद से पिछले दिनों आयोजित हुए एक सम्मेलन में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) की अधिकारी सौम्या विश्वनाथन ने बताया कि भारत टीबी की नयी वैक्सीन के विकास के लिए हर संभव प्रयासरत है.
गौरतलब है कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां टीबी एक बड़ी समस्या बन चुका है. यहां हर साल टीबी के 28 लाख केस सामने आते हैं और करीब 5 लाख मरीजों की मौत हो जाती है. सरकार ने 2025 तक टीबी के खात्मे का लक्ष्य रखा है.

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