बुगती के प्रत्यर्पण के लिए इंटरपोल की मदद लेगा पाकिस्तान, भारत कर रहा है शरण देने पर विचार
इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने कहा है कि भारत में राजनीतिक शरण मांगने वाले बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती के प्रत्यर्पण के लिए वह इंटरपोल की मदद लेगा. एक मीडिया रिपोर्ट से यह बात सामने आई है. पाकिस्तान सरकार ने बुगती के प्रत्यर्पण के लिए इंटरपोल को पत्र लिखने का फैसला किया है. ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने गृह […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने कहा है कि भारत में राजनीतिक शरण मांगने वाले बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती के प्रत्यर्पण के लिए वह इंटरपोल की मदद लेगा. एक मीडिया रिपोर्ट से यह बात सामने आई है.
पाकिस्तान सरकार ने बुगती के प्रत्यर्पण के लिए इंटरपोल को पत्र लिखने का फैसला किया है. ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने गृह मंत्री निसार अली खान के हवाले से कहा है, ‘‘ब्रह्मदाग बुगती के प्रत्यर्पण के लिए संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) अगले कुछ दिन में इंटरपोल को एक औपचारिक अनुरोध भेजेगी.’ पाकिस्तान ने कल भारत को चेतावनी दी थी कि बुगती को शरण देकर वह ‘‘आतंकवाद का आधिकारिक प्रायोजक’ बन जाएगा.
स्विट्जरलैंड में रह रहे बुगती ने मंगलवार को जिनेवा स्थित भारतीय दूतावास का रुख कर भारत में शरण दिए जाने की मांग की थी और भरोसा जताया था कि नई दिल्ली से सकारात्मक जवाब आएगा. भारतीय गृह मंत्रालय को राजनीतिक शरण की मांग संबंधी बुगती का आवेदन प्राप्त हो चुका है और वह इस पर विचार कर रहा है. बुगती बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष और संस्थापक हैं.
वह बलूच राष्ट्रवादी नेता नवाब अकबर खान बुगती के पोते हैं. पाकिस्तानी थलसेना ने 2006 में नवाब अकबर खान बुगती की हत्या कर दी थी. पाकिस्तान सरकार ने 2010 में बुगती के पाकिस्तान से अफगानिस्तान के रास्ते जिनेवा भागने में भारत पर उनकी मदद करने का आरोप लगाया था.