अफगानिस्तान में बंद कैदी के खिलाफ अमेरिका में होगी सुनवाई

वॉशिंगटन : ओबामा प्रशासन अफगानिस्तान में अपने एक हिरासत केंद्र में बंद एक सैन्य बंदी को आपराधिक सुनवाई के लिए वर्जीनिया राज्य में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह पहला मौका है जब आंतकवाद के संदेह में हिरासत में लिए गए बंदी को सुनवाई के लिए अमेरिका लाया […]

वॉशिंगटन : ओबामा प्रशासन अफगानिस्तान में अपने एक हिरासत केंद्र में बंद एक सैन्य बंदी को आपराधिक सुनवाई के लिए वर्जीनिया राज्य में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है.

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह पहला मौका है जब आंतकवाद के संदेह में हिरासत में लिए गए बंदी को सुनवाई के लिए अमेरिका लाया जाएगा। यह घटनाक्रम ओबामा प्रशासन की यह बताने की कोशिश भी जाहिर करता है कि वह संदिग्ध आतंकवादियों से निपटने के लिए आपराधिक अदालत तंत्र का उपयोग कर सकता है.

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इरेक हमीदुल्ला नामक एक बंदी अफगानिस्तान में सोवियत युद्ध के समय का रुसी सैनिक है. वह तालिबान से जुड कर अफगानिस्तान में रह रहा था। उसे खोस्त प्रांत में अफगान सीमा पुलिस पर और अमेरिकी सैनिकों पर हमले के बाद वर्ष 2009 में पकडा गया था.

तब से वह बगराम एयरफील्ड में अमेरिका के एक हिरासत केंद्र में बंद था। बताया जाता है कि उसके खिलाफ वर्जीनिया के अलेग्जेंड्रिया में संघीय अदालत में सुनवाई होगी. कांग्रेस को शुक्रवार को बताया गया कि एक कैदी के खिलाफ सुनवाई होने जा रही है. लेकिन सांसदों को ज्यादा कुछ नहीं बताया गया.

कहा जा रहा है कि इस कदम की रिपब्लिकन सांसद आलोचना करेंगे क्योंकि उनमें से ज्यादातर का मानना है कि सैन्य बंदियों के खिलाफ सैन्य अदालतों में ही सुनवाई होनी चाहिए और संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ आपराधिक अभियोजन से यह धारणा कमजोर होगी कि अमेरिका अलकायदा और अन्य चरमपंथियों के खिलाफ युद्ध कर रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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