रूस के गागरिन केंद्र में 2020 में प्रशिक्षण लेना शुरू करेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री

दुबई : भारत के 2022 में पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए चयनित भारतीय ‘गगनयात्री’ अगले साल रूस के गागरिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण लेना शुरू करेंगे. रूस के एक वरिष्ठ अंतरिक्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन के […]

दुबई : भारत के 2022 में पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए चयनित भारतीय ‘गगनयात्री’ अगले साल रूस के गागरिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण लेना शुरू करेंगे. रूस के एक वरिष्ठ अंतरिक्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए रूस भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण देगा. 2022 में अंतरिक्ष में जाने वाले इस मिशन में तीन अंतरिक्ष यात्री होंगे जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के टेस्ट पायलटों में से चुना जायेगा. मोदी ने चार सितंबर को रूस के सुदूर पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक में बातचीत के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि रूस गगनयान परियोजना के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करने में मदद करेगा.

रूस की रोसकॉस्मस अंतरिक्ष एजेंसी का हिस्सा ग्लावकॉस्मस के प्रमुख दमित्री लोस्कुतोव ने सोमवार को ‘दुबई एयरशो 2019′ में तास समाचार एजेंसी से कहा, कोस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में गगनयात्रियों की शिक्षा और प्रशिक्षण अगले वर्ष शुरू होना है, लेकिन यह भारत की ओर से चयन पर निर्भर करता है कि वह आखिरकार किसका चयन करता है और प्रशिक्षण के लिए रूस भेजता है. उन्होंने बताया कि भारत का अपना खुद का मानवयुक्त कार्यक्रम तैयार करने का इरादा है. अभी तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र तक उड़ान की योजना नहीं बनायी गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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