जिम्बाब्वे के पूर्व राष्ट्रपति रॉर्बट मुगाबे का 95 साल की उम्र में निधन, 37 साल तक चलाया था राज

हरारेः: जिम्‍बाब्‍वे के पूर्व राष्‍ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे का निधन हो गया है. 95 वर्ष की आयु में सिंगापुर के एक अस्‍पताल में उनकी मौत हो गयी. वह काफी दिनों से बिमार चल रहे थे. सैन्य तख्तापलट के कारण उन्हें 2017 में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. मुगाबे के उत्तराधिकारी एमर्सन सनान्गाग्वा ने उनके […]

हरारेः: जिम्‍बाब्‍वे के पूर्व राष्‍ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे का निधन हो गया है. 95 वर्ष की आयु में सिंगापुर के एक अस्‍पताल में उनकी मौत हो गयी. वह काफी दिनों से बिमार चल रहे थे. सैन्य तख्तापलट के कारण उन्हें 2017 में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. मुगाबे के उत्तराधिकारी एमर्सन सनान्गाग्वा ने उनके निधन की पुष्टि की है.
शुक्रवार को एक ट्वीट में उन्होंने शोक जताते हुए मुगाबे को मुक्ति का प्रतीक बताया. 1980 में श्वेत अल्पसंख्यक शासन की समाप्ति के बाद पूर्व छापामार प्रमुख मुगाबे ने सत्ता संभाली थी. मुगाबे ने जिम्बाब्वे की आर्थिक समस्याओं के लिए पश्चिमी प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने एक बार कहा था कि वह जीवनपर्यन्त सत्ता में रहना चाहते हैं.
देश के नेतृत्व को लेकर अंसतोष के कारण सेना ने हस्तक्षेप किया, उनके खिलाफ अभियोग की कार्यवाही की गई और सड़कों पर प्रदर्शन हुए. मुगाबे ने इस्तीफे के बाद अपना पहला जन्मदिन 21 फरवरी, 2018 को एकांत में ही मनाया था जबकि पिछले कुछ साल से वह इस अवसर पर भव्य आयोजन करते थे.
नवंबर 2017 में एक सैन्‍य अधिग्रहण में बेदखल होने से पूर्व करीब चार दशकों तक रॉर्बट मुगाबे ने जिम्‍बाब्‍वे पर हुकूमत किया. वो 37 साल तक देश के राष्ट्रपति रहे. मुगाबे लंबे समय तक जिम्बाब्वे की पहचान बने हुए थे.
उन्हें हीरो माना जाता था लेकिन दूसरा पक्ष यह भी है कि वह हमेशा विवादों में घिरे रहे. हालांकि आरोप उनपर कम और उनके सहयोगियों और पत्नी पर ज्यादा लगाए जाते थे. माना जाता था कि वह ध्रुवीकरण करने में माहिर थे. अंग्रेजों से आजादी के बाद वह महानायक के रूप में लोगों के सामने आए.

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