व्लादिवोस्तोक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जापानी समकक्ष शिंजो आबे और मलेशिया के प्रधानमंत्री से गुरुवार को मुलाकात की. आबे और मोदी ने आर्थिक एवं रक्षा समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया. आपको बता दें कि दो दिवसीय यात्रा पर रूस पहुंचे मोदी रूस के पूर्वी सुदूर क्षेत्र की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.
मोदी और आबे की इस मुलाकात से पहले दोनों ने जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन में और फ्रांस के बियारित्ज में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के लिए लगातार बातचीत जारी है. प्रधानमंत्री शिंजो आबे और नरेंद्र मोदी ने व्लादिवोस्तोक में मुलाकात की.
विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि भारत और जापान के प्रधानमंत्री मंत्री स्तर की 2+2 वार्ता के लिए राजी हो गये हैं. इस वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों की एक बैठक होगी.उन्होंने बताया कि मलेशिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया. दोनों देशों के बीच तय हुआ है कि दोनों तरफ के अधिकारी इस मुद्दे को लेकर संपर्क में रहेंगे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि मजबूत द्विपक्षीय संबंधों से वैश्विक साझेदारी को और मजबूत किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री शिंजो आबे से व्लादिवोस्तोक में पांचवें ईईएफ के इतर मुलाकात की. आर्थिक, सुरक्षा, स्टार्ट-अप और पांच जी क्षेत्रों में बहुआयामी संबंधों को और आगे ले जाने तथा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा हुई.
आबे के साथ बैठक के बाद मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर बिन मोहम्मद और मंगोलिया के राष्ट्रपति खल्टमागीन बटुल्गा से मुलाकात की. मोदी 20वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता और पूर्वी आर्थिक मंच (ईईएफ) की पांचवीं बैठक में भाग लेने के लिए रूस आये हैं.
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