'370 हटाने का बहुत गंभीर परिणाम होगा'

<figure> <img alt="sanjay kak, संजय काक" src="https://c.files.bbci.co.uk/4A83/production/_108257091_fdcca455-e20d-4f14-ab9a-e68a41ce98fe.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म करने के केंद्र सरकार के फ़ैसले पर कश्मीरी मूल के फ़िल्मकार संजय काक ने कहा है कि इसका ‘बहुत गंभीर परिणाम’ होगा.</p><p>काक ने कहा कि किसी कश्मीरी से इस […]

<figure> <img alt="sanjay kak, संजय काक" src="https://c.files.bbci.co.uk/4A83/production/_108257091_fdcca455-e20d-4f14-ab9a-e68a41ce98fe.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म करने के केंद्र सरकार के फ़ैसले पर कश्मीरी मूल के फ़िल्मकार संजय काक ने कहा है कि इसका ‘बहुत गंभीर परिणाम’ होगा.</p><p>काक ने कहा कि किसी कश्मीरी से इस पर राय मशविरा नहीं किया गया और न ही अब उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया ही आ रही है.</p><figure> <img alt="जम्मू-कश्मीर, Jammu and Kashmir, Kashmir, कश्मीर, 370" src="https://c.files.bbci.co.uk/17F6/production/_108243160_a24d5888-f9c0-4e97-8eeb-eba57902f73f.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>उन्होंने बीबीसी से कहा, &quot;आज के दिन कश्मीर में क्या हो रहा है इस पर टिप्पणी करना इसलिए भी बहुत मुश्किल है क्योंकि हम वहां पर किसी से बात भी नहीं कर पा रहे हैं. आप जानते हैं, न मोबाइल फ़ोन, न लैंडलाइन और न ही इंटरनेट काम कर रहा है.&quot;</p><p>वो कहते हैं, &quot;यह कैसी परिस्थिति है जिसमें कश्मीरियों के लिए इतना बड़ा निर्णय लिया गया और उसके बारे में न तो उन्हें पहले से ख़बर थी, न उनसे विचार विमर्श किया गया.&quot;</p><figure> <img alt="कश्मीर की महिलाएं" src="https://c.files.bbci.co.uk/6027/production/_108251642_054254350-1.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Reuters</footer> </figure><h3>मानवाधिकारों का उल्लंघन</h3><p>काक इसे मानवाधिकार के उल्लंघन से जोड़ते हैं. </p><p>वो कहते हैं, &quot;सबसे पहले तो यह एक बहुत ऊंचे दर्जे का मानवाधिकार हनन है. दूसरी बात, अनुच्छेद 370 और 35ए की पेचीदगियों में न भी जाएं तो, तो ये सबसे ज़्यादा उस तबके पर असर डालता है जिन्हें कश्मीर में भारत का समर्थक माना जाता है.&quot;</p><figure> <img alt="kashmir" src="https://c.files.bbci.co.uk/011D/production/_108258200_872f6473-5e36-470b-a2f1-8a2deece75cc.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>काक का मानना है कि यह उस तबके को सबसे ज़्यादा चोट पहुंचाता है क्योंकि उनके जहन में अनुच्छेद 370 और 35ए ही वो बीच का लिंक था जो उनको भारत से जोड़ता था.</p><p>वो कहते हैं, &quot;जो लोग इसके बाहर हैं. जिन्हें भारतीय मीडिया में अलगाववादी कहा जाता है. उन्हें भारतीय संविधान या इसके अनुच्छेद से कोई लेना देना ही नहीं है क्योंकि वो तो कोई दूसरा ही परचम उठा रहे हैं.&quot;</p><figure> <img alt="कश्मीर" src="https://c.files.bbci.co.uk/4F3D/production/_108258202_528fa6aa-90b5-4f6a-bc7a-d12e854ecc3b.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>क्यों हुआ ये फ़ैसला?</h3><p>काक कहते हैं कि यह समझना बहुत मुश्किल है कि किसने कैसे यह निर्णय लिया और क्यों?</p><p>वो कहते हैं, &quot;बीते 50 साल से बहुत समय और पैसे लगाकर आपने जो अपने लिए भारत के पक्ष में समर्थन खड़ा किया था उसे आपने एक ही झटके में उड़ा दिया.&quot;</p><p>&quot;इसके परिणाम बहुत गंभीर होंगे. जो हम अभी, एक हफ़्ते बाद या अगले महीने नहीं देख पाएंगे. हो सकता है कि यह छह महीने बाद दिखे. लेकिन इसका बहुत ही गंभीर परिणाम होगा.&quot;</p><p>&quot;गंभीर इसलिए होगा क्योंकि अलगाववादियों और भारत के बीच जो मिडिल ग्राउंड था वो लगभग ख़त्म हो चुका है.&quot;</p><h3>ये भी पढ़ें:</h3> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49265006?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">जम्मू-कश्मीर पर चीन के बयान को हल्के में न ले भारत- नज़रिया</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/live/india-49246581?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">लोकसभा में भी पास हुआ जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49237628?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">अब जम्मू कश्मीर में ज़मीन ख़रीदना कितना आसान </a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-44663023?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">कश्मीर पाकिस्तान को देने को राज़ी थे सरदार पटेल?</a></li> </ul><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >