हिंदी में भविष्य की राहें

प्रीति सिंह परिहार हिंदी भाषा एवं साहित्य को लेकर कुछ पूर्वाग्रह बने हुए हैं. मसलन, हिंदी माध्यम या हिंदी को बतौर विषय लेकर पढ़ाई करनेवालों के लिए जॉब के मौके कम होते हैं. यानी हिंदी का कोई निश्चित भविष्य नहीं होता! लेकिन, मौजूदा समय में उपलब्ध करियर विकल्प ऐसे पूर्वाग्रहों को झुठलाते हैं. आप अगर […]

प्रीति सिंह परिहार

हिंदी भाषा एवं साहित्य को लेकर कुछ पूर्वाग्रह बने हुए हैं. मसलन, हिंदी माध्यम या हिंदी को बतौर विषय लेकर पढ़ाई करनेवालों के लिए जॉब के मौके कम होते हैं. यानी हिंदी का कोई निश्चित भविष्य नहीं होता! लेकिन, मौजूदा समय में उपलब्ध करियर विकल्प ऐसे पूर्वाग्रहों को झुठलाते हैं. आप अगर हिंदी भाषा, हिंदी के साथ-साथ अच्छी अंग्रेजी या किसी विदेशी या क्षेत्रीय भाषा का ज्ञान रखते हैं, तो आपके लिए सरकारी से लेकर निजी क्षेत्रों तक में करियर विकल्प मौजूद हैं.
सरकारी नौकरी में बढ़ें आगे
सरकारी संस्थानों एवं मंत्रालयों में राजभाषा अधिकारी का पद होता है. इसके अलावा सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों में राजभाषा अधिकारी की नियुक्ति की जाती है. हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएशन, साथ में ग्रेजुएशन स्तर पर एक विषय के तौर पर अंग्रेजी की पढ़ाई या संस्कृत के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन और ग्रेजुएशन स्तर पर हिंदी और अंग्रेजी की पढ़ाई करनेवाले अभ्यर्थी राजभाषा अधिकारी के तौर पर कैरियर बना सकते हैं. कई सरकारी विभागों या संस्थानों में हिंदी अनुवादक के पद होते हैं.
इस पद पर चयन के बाद धीरे-धीरे अनुभव और आयु के अनुसार पदोन्नति के मौके भी मिलते हैं. अनुवादक को सहायक निदेशक, उपनिदेशक और निदेशक के रूप में पदोन्नति का मौका मिलता है. हिंदी साहित्य से स्नातक करने के बाद यूपीएससी और पीएससी अादि प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. हिंदी साहित्य से बीए, एमए एवं पीएचडी कर अकादमिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का विकल्प है. बीए के बाद बीएड कर स्कूल शिक्षक के तौर पर करियर बना सकते हैं.
कॉपी राइटर की है मांग
हिंदी भाषा के कॉपी राइटर के लिए विज्ञापन इंडस्ट्री से लेकर रेडियो एवं पत्रिकाओं तक में मौके मौजूद हैं. कल्पना एवं विस्मयकारी लेखन कौशल के संयोजन से कोई व्यक्ति एक बेहतरीन कॉपी राइटर बन सकता है. कॉपी राइटर का मुख्य काम विज्ञापन, रेडियो एवं टीवी के लिए स्क्रिप्ट, जिंगल, स्लोगन, पंचलाइन आदि लिखना होता है. कॉपी राइटर की मुख्य जिम्मेदारी किसी विचार को शब्दों का एक बेहतरीन आधार प्रदान करना होता है.
लेखक के तौर बनाएं पहचान
आप हिंदी लिखने में माहिर है और संवेदनशील एवं कल्पनाशील भी हैं, तो लेखन आपके लिए बेहतरीन करियर है. लेखन महसूस किये हुए को शब्दों में बयां करने की कला है. इस करियर में प्रवेश के लिए किसी कोर्स या डिग्री की जरूरत नहीं है. इसका आधार है भाषा का अच्छा ज्ञान, लिखने की उम्दा कला और दूसरों की भावनाओं को महसूस करने, उससे संवेदित होने वाला स्वभाव. कहते हैं लेखक बनने के लिए धैर्य और एकाग्रता भी बहुत जरूरी है.
शुरुआत आप अपने अनुभवों को कविता, छोटी कहानी या लघुकथा के रूप में लिखने के साथ कर सकते हैं और उन्हें समाचार पत्रों, साहित्यिक पत्रिकाओं को भेज सकते हैं. सभी बड़े लेखकों ने इसी तरह शुरुआत की और आज बेहतरीन मुकाम पर हैं. एक लेखक के रूप में आप स्वतंत्र रूप से पहचान बना सकते हैं या फिर किसी पत्रिका के लिए काम कर सकते हैं. इंटरनेट के विस्तार ने लोगों को अपनी पहचान बनाने का एक अच्छा प्लेटफॉर्म दिया है. आप अपना एक ब्लॉग बना कर, जो भी लिखें, उस पर पब्लिश कर सकते हैं.

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