अमेरिका युद्ध की बजाय, ईरान के खतरे को रोकना चाहता है : पेंटागन प्रमुख

वाशिंगटन : अमेरिका के रक्षा प्रमुख ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन अमेरिकी हितों पर ईरान के कथित खतरे को रोकने की कोशिश कर रहा है. उसकी मंशा युद्ध शुरू करने की कतई नहीं है. उन्होंने यह बात कांग्रेस के सदस्यों को जानकारी देने के दौरान कही. विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ बंद […]

वाशिंगटन : अमेरिका के रक्षा प्रमुख ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन अमेरिकी हितों पर ईरान के कथित खतरे को रोकने की कोशिश कर रहा है. उसकी मंशा युद्ध शुरू करने की कतई नहीं है. उन्होंने यह बात कांग्रेस के सदस्यों को जानकारी देने के दौरान कही.

विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ बंद कमरे में हुई बैठक से निकलने के बाद पत्रकारों से कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शानाहान ने कहा, ‘यह (ईरान को) रोकने के लिए है, न कि युद्ध शुरू करने के लिए है. हम जंग शुरू नहीं करने जा रहे हैं.’

शानाहान ने ईरानी ‘खतरों’ को रोकने का श्रेय हाल के हफ्तों में अमेरिका द्वारा उठाये गये मजबूत कदमों को दिया, जिसमें एक विमानवाहक पोत तैनात करना शामिल है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी बलों के खिलाफ हमले को हमने रोक दिया है.

शानाहान ने कहा कि इस वक्त हमारा सबसे बड़ा फोकस स्थिति को लेकर ईरान के गलत अनुमान को रोकना है. हम नहीं चाहते हैं कि स्थिति खराब हो. बहरहाल, इस बैठक में दी गयी जानकारी से डेमोक्रेट्स पार्टी के सदस्य संतुष्ट नहीं हुए. उन्होंने तनाव बढ़ने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रूख और कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल नहीं करने को जिम्मेदार ठहराया.

सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा, ‘मैं बहुत चिंतित हूं कि जान-बूझकर या अनजाने में हम ऐसी स्थिति बना सकते हैं, जिसमें युद्ध होगा ही.’ उन्होंने कहा कि इराक और वियतनाम के युद्ध पिछले प्रशासनों के झूठ की वजह से हुआ था. सैंडर्स ने कहा, ‘मेरा मानना है कि ईरान के साथ जंग एक त्रासदी होगी और यह इराक के साथ युद्ध से भी बदतर होगी.’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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