समझौता विस्फोट मामले के आरोपियों को बरी करना भारत की ‘असंवेदनशीलता'' - सज्जाद हुसैन

इस्लामाबाद : पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जंजुआ ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2007 के समझौता ट्रेन विस्फोट मामले में सभी चार आरोपियों को बरी करना पीड़ित परिवारों के प्रति भारत की ‘असंवेदनशीलता’ को दिखाता है. भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली इस ट्रेन में हरियाणा में पानीपत के निकट 18 फरवरी 2007 को उस समय […]

इस्लामाबाद : पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जंजुआ ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2007 के समझौता ट्रेन विस्फोट मामले में सभी चार आरोपियों को बरी करना पीड़ित परिवारों के प्रति भारत की ‘असंवेदनशीलता’ को दिखाता है.

भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली इस ट्रेन में हरियाणा में पानीपत के निकट 18 फरवरी 2007 को उस समय विस्फोट हुआ था, जब ट्रेन अमृतसर स्थित अटारी की ओर जा रही थी.
इस विस्फोट में 68 लोगों की मौत हुई थी जिसमें ज्यादातर पाकिस्तानी थे. हरियाणा के पंचकूला की एक विशेष अदालत ने बुधवार को इस मामले में स्वामी असीमानंद और तीन अन्य को बरी कर दिया था.
विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि आरोपियों के खिलाफ स्पष्ट सबूत होने के बावजूद उन्हें धीरे-धीरे छोड़ना और आखिरी में बरी करने का फैसला मृतक पाकिस्तानियों के 44 परिवारों की दुर्दशा के प्रति भारत की असंवेदनशीलता को दिखाता है.

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