वाशिंगटन/नयी दिल्लीः मुंबर्इ में 26/11 के हमले के 10 साल पूरे होने पर भारत को अमेरिका का सहारा मिला है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के 10 साल पूरे होने के मौके पर भारत के लोगों को न्याय दिलाने का वादा करते हुए कहा है कि मुंबर्इ में आतंकवादी हमले के 10वीं बरसी पर अमेरिका भारत के लोगों को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ खड़ा है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि इस आतंकवादी हमले में छह अमेरिकी लोगों के साथ 166 लोगों की मौत हो गयी थी. उन्होंने आगे लिखा है कि हम आतंकवाद को कभी जीतने नहीं देंगे या यहां तक कि जीतने के करीब भी नहीं.
इसके पहले, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने मुंबई आतंकवादी हमले को क्रूरता बताते हुए पाकिस्तान तथा अन्य देशों से इस हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तय्यबा तथा उससे जुड़े संगठन और आतंकवादियों पर प्रतिबंध लागू करने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अपने दायित्वों को निभाने की अपील की है. मुंबई हमले के 10 वर्ष पूरे होने के मौके पर विदेश मंत्रालय के रिवाॅर्ड फॉर जस्टिस प्रोग्राम (आरएफजे) के तहत ऐसे लोगों को 50 लाख डॉलर का इनाम देने की घोषणा की गयी है, जो 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले की साजिश रचने अथवा उसमें सहयोग देने वाले किसी भी व्यक्ति के बारे में कोई सुराग देंगे.
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पोम्पिओ ने मुंबई हमले के 10 वर्ष पूरे होने के मौके पर एक बयान में कहा कि यह पीड़ित परिवारों के लिए अपमान जैसा है कि घटना के 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी मुंबई हमले की योजना बनाने वालों को उनकी संलिप्तता के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है. उन्होंने कहा कि हम सभी देशों खासतौर पर पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वे हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तय्यबा तथा उससे जुड़े संगठन और इसके लिए जिम्मेदार आतंकवादियों पर प्रतिबंध लागू करने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अपने दायित्व को निभाएं. विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी सरकार और अमेरिका की जनता की ओर से मैं मुंबई आतंकी हमले के 10 वर्ष पूरा होने के मौके पर भारत की जनता तथा मुंबई के प्रति एकजुटता व्यक्त करता हूं.
