यहां मां वसूलती है पांच साल की बेटी से हाउस रेंट

अमेरिका की रहनेवाली एसेंस इवांस अपनी पांच वर्षीया बेटी से घर का किराया, बिजली और पानी का बिल वसूलती हैं. एसेंस के अनुसार, ऐसा वह अपनी बेटी को दुनिया की वास्तविकता से परिचित करवाने और भविष्य में उसे एक जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए करती हैं. उन्होंने इस बारे में अपने फेसबुक वॉल पर एक […]

अमेरिका की रहनेवाली एसेंस इवांस अपनी पांच वर्षीया बेटी से घर का किराया, बिजली और पानी का बिल वसूलती हैं. एसेंस के अनुसार, ऐसा वह अपनी बेटी को दुनिया की वास्तविकता से परिचित करवाने और भविष्य में उसे एक जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए करती हैं. उन्होंने इस बारे में अपने फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में एसेंस ने लिखा है, ‘मैं अपनी पांच साल की बेटी से किराया लेती हूं. हर सप्ताह पॉकेट मनी के रूप में वह मुझसे सात डॉलर पाती है. मैंने उसे बताया है कि असल दुनिया में अधिकतर लोग अपनी कमाई का एक बड़ा भाग विभिन्न प्रकार के बिलों का भुगतान करने में खर्च करते हैं, जिससे उनके पास खर्चे के लिए काफी कम पैसे बचते हैं.

इसलिए मैं उससे उन सात डॉलर्स में से एक डॉलर आवास के लिए, एक डॉलर पानी के लिए, एक डॉलर बिजली के लिए, एक डॉलर केबल के लिए और एक डॉलर भोजन के लिए किराये के तौर पर वापस ले लेती हूं. बाकी बचे दो डॉलर का कभी कोई हिसाब नहीं लेती. वह चाहे तो उसे जमा करे या फिर खर्च करे, उसकी मर्जी. उसे अभी यह नहीं पता है कि ये पांच डॉलर वास्तव में मैं उसके बचत खाते में ही जमा करती हूं.

जब वह 18 साल की हो जायेगी, तो मैं ये सारे पैसे (कुल $3,380) उसे दे दूंगी. मुझे लगता है कि इस तरह की रणनीति न केवल मेरी बेटी को इस दुनिया की कड़वी हकीकत से रूबरू होने में मदद करेगी, बल्कि उसे एक जिम्मेदार इंसान बनने में भी मदद करेगी. जब वह बड़ी होगी, तो वास्तविक बिल देख कर खुद समझ जायेगी कि मैं उसे कितना बड़ा डिस्काउंट देती थी.’ एसेंस यह भी कहती हैं कि उनकी बेटी को उनके इस रवैये से कोई परेशानी नहीं. वह खुशी-खुशी यह जिम्मेदारी उठाती है. मेरे ख्याल से दूसरे पैरेंट्स को यह तरीका अपनाना चाहिए, ताकि वे अपने बच्चों को एक जिम्मेदार इंसान बना सकें.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

कई लोग उनके इस काम की प्रशंसा करते हुए अपने बच्चों की परवरिश के संदर्भ में भी इसे अपनाने की बात कह रहे हैं, तो कईयों का मानना है कि इतनी छोटी-सी उम्र में बच्चों को इतना मनी-माइंडेड बनाना सही नहीं है. उन्हें इस उम्र में उनका बचपन एंज्वॉय करने देना चाहिए. इतनी छोटी उम्र में इस तरह की जिम्मेदारी देने से उन्हें अतिरिक्त तनाव हो सकता है. ऐसा करना क्रूरता बरतने के समान है. खैर, जो भी हो, एसेंस के इस पोस्ट को 320,000 से ज्यादा लोग शेयर कर चुके हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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