Toughest Exam In World: दुनिया में कुछ ऐसी परीक्षाएं हैं जिनकी कठोरता का आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते. लेकिन इसमें कई सारे छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं. भारत में तो यूपीएससी सीएसई, नीट परीक्षा और जेईई जैसी परीक्षा को कठिन परीक्षा की लिस्ट में शामिल किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश और दुनिया में और कौन-कौन सी कठिन परीक्षाएं ली जाती हैं? अगर नहीं तो पढ़ें पूरी खबर. आज हम आपको देश व दुनिया की चुनिंदा कठिन परीक्षाओं के बारे में बताएंगे.
Gaokao
गाओकाओ परीक्षा चीन की कठिन परीक्षा में से एक है. इस परीक्षा में हर साल 10 मिलियन से अधिक छात्र हिस्सा लेते हैं. हालांकि, इसका सेलेक्शन रेट काफी कम है. यह परीक्षा कई विषयों में गहराई से पूछती है और सफलता जीवन का टेक-ऑफ बना सकती है.
IIT JEE Advanced
भारत में तकनीक और साइंस की पढ़ाई के लिए एक टफ परीक्षा होती है, जिसका नाम है जेईई एडवांस. जेईई एडवांस परीक्षा एक एंट्रेंस एग्जाम है जोकि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है. इस परीक्षा को पास करने के बाद आईआईटी में दाखिला मिलता है. हालांकि, इस परीक्षा तक पहुंचने के लिए पहले JEE Mains परीक्षा क्रैक करनी होती है. 2024 में 180,000 से अधिक उम्मीदवारों में से केवल करीब 48,000 सफल रहे.
UPSC CSE
अगर आप सरकारी परीक्षा (Sarkari Exam) की तैयारी कर रहे हैं तो भलीभांति यूपीएससी सीएसई परीक्षा से परिचित होंगे. यह परीक्षा IAS, IPS, IFS जैसे प्रतिष्ठित पदों का द्वार है. पास होने की दर लगभग 0.1% से भी कम है. तैयारी वर्षों तक चलती है, विषयों की सीमा विशाल होती है और सफल होने पर जीवन बदल जाता है.
चार्टर्ड अकाउंटेंसी
सीए परीक्षा 3 चरणों में होती है- सीपीटी, आईपीसीसी और फाइनल. हर साल लाखों उम्मीदवारों में से कुछ ही इसमें सफल हो पाते हैं. आमतौर पर सीए परीक्षा का पास प्रतिशत बहुत कम रहता है. कई युवा सालों तक इसकी तैयारी करते हैं.
CFA
वित्त के क्षेत्र में ऊंचाइयां चाहिए तो CFA (Chartered Financial Analyst) परीक्षा पास करना बेहद जरूरी है. यह परीक्षा तीन स्तरों में होती है और वित्त, निवेश, विश्लेषण से संबंधित बेहद गहन पाठ्यक्रम पर आधारित है. यहां पास होने की दर बहुत कम है, प्रथम स्तर की दर लगभग 35% ही है.
इन परीक्षाओं की खास बातें
- Gaokao में व्यापक विषय और जनसंख्या पर भारी स्पर्धा है.
- IIT JEE Advanced में तकनीकी गहराई और स्पीड दोनों की परीक्षा होती है.
- UPSC में विषयों की व्यापकता और चयन की दर बेहद कम होती है.
- CFA में प्रोफेशनल क्षेत्र में साख और विशेषज्ञता मांगना इसे कठिन बनाता है.
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