World cup : न्यूजीलैंड के खिलाफ नहीं खेलेंगे हार्दिक पांड्‌या, भारत को बड़ा झटका, इस मैच से होगी वापसी

हार्दिक पांड्‌या को गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान चोट लग गई थी. हार्दिक पांड्‌या को बाॅलिंग के दौरान चोट लग गई थी और वे अपना ओवर पूरा नहीं कर पाए थे और मैदान से बाहर चले गए थे.

भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्‌या टखने की चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप के मुकाबले से बाहर हो गए हैं. गौरतलब है कि हार्दिक पांड्‌या को गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान चोट लग गई थी. हार्दिक पांड्‌या को बाॅलिंग के दौरान चोट लग गई थी और वे अपना ओवर पूरा नहीं कर पाए थे और मैदान से बाहर चले गए थे. अब यह खबर आई है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर को खेले जाने वाले मैच में हार्दिक पांड्‌या नहीं खेलेंगे. यह भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका है.

इग्लैंड के खिलाफ मैच में टीम का हिस्सा होंगे हार्दिक पांड्‌या

हार्दिक पांड्‌या न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम का हिस्सा नहीं होंगे यह जानकारी बीसीसीआई की ओर से दी गई है. बीसीसीआई के सेक्रेटरी जयशाह के नाम से जारी मीडिया एडवाइजरी में यह जानकारी दी गई है. बीसीसीआई ने बताया है कि हार्दिक पांड्‌या को मेडिकल टीम ने अभी रेस्ट करने को कहा है इसलिए वे आज टीम के साथ धर्मशाला नहीं जाएंगे, जहां न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच होना है. वे अब सीधे लखनऊ पहुंचेंगे जहां टीम इंग्लैंड के खिलाफ अपना मैच 29 अक्टूबर को खेलेगी.

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टखने में लगी चोट

हार्दिक पांड्या को बांग्लादेश के खिलाफ गेंदबाजी करते हुए चोट लगी थी. वे बांग्लादेश की पारी का नौवां ओवर कर रहे थे उसी वक्त उन्हें चोट लगी और हार्दिक पांड्‌या बिना ओवर पूरा किए मैदान से बाहर चले गए. ओवर की तीसरी गेंद पर बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज लिटन दास का स्ट्रेट ड्राइव रोकने के प्रयास में पांड्या को टखने में चोट लगी. हार्दिक दर्द में दिखाई दे रहे थे. जब उन्हें चलने में परेशानी हुई तो टीम के फिजियोथेरेपिस्ट मैदान में आए, लेकिन वे फिट नहीं हुए जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा. हार्दिक के अधूरे ओवर को विराट कोहली ने पूरा किया था.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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