WhatsApp Account Ban: व्हाट्सऐप ने भारत में बैन किये 71 लाख से ज्यादा अकाउंट्स, आप मत करें ऐसी गलती

Why Does WhatsApp Ban Accounts ? हर महीने कंपनी यूजर सेफ्टी रिपोर्ट जारी करती है. आप यदि व्हाट्सऐप यूजर हैं और इसके टर्म्स एंड कंडीशन के तहत अकाउंट को ऑपरेट नहीं करते, तो आपका अकाउंट भी बैन हो सकता है.

WhatsApp Account Ban : पॉपुलर इंस्टैंट मैसेंजर व्हाट्सऐप ने भारत में एक महीने में 71 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को बैन किया है. कंपनी ने यह कार्रवाई पिछले साल नवंबर 2023 में आईटी रूल 2021 के तहत की है. इस नियम के तहत सोशल मीडिया की सभी बड़ी कंपनियों को हर महीने की यूजर सेफ्टी रिपोर्ट जारी करनी होती है. इसके साथ ही, शिकायतों और उन पर लिये गए एक्शन के बारे में भी बताना होता है.

व्हाट्सऐप ने पिछले साल 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच भारत में 71 लाख 96,000 अकाउंट्स को बैन किया है. मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप की ओर से जारी किये गए डेटा के अनुसार, इसमें से 19 लाख 54,000 अकाउंट्स को कंपनी ने खुद की मॉनीटरिंग के तहत बैन किया है और इनके लिए कोई शिकायत नहीं मिली थी.

व्हाट्सऐप को नवंबर महीने में कितनी शिकायतें मिलीं?

नवंबर महीने में व्हाट्सऐप को 8,841 शिकायतें मिलीं, इसमें से कंपनी ने 6 के खिलाफ एक्शन लिया. हर महीने कंपनी यूजर सेफ्टी रिपोर्ट जारी करती है. आप यदि व्हाट्सऐप यूजर हैं और इसके टर्म्स एंड कंडीशन के तहत अकाउंट को ऑपरेट नहीं करते, तो आपका अकाउंट भी बैन हो सकता है. आप अगर स्कैम, फ्रॉड, चोरी, न्यूडिटी, देश विरोधी किसी भी तरह की एक्टिविटी में शामिल रहते हैं, तो कंपनी किसी भी समय आपका अकाउंट बैन कर सकती है.

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व्हाट्सऐप ने यूजर्स की सेफ्टी के लिए जारी किये कौन से नये फीचर्स?

व्हाट्सऐप यूजर्स के लिए अच्छी बात यह है कि इंस्टैंट मैसेंजर प्लैटफॉर्म ने पिछले दिनों यूजर्स की सेफ्टी के लिए ऐप में कई नये फीचर्स जोड़े हैं. इसमें चैट लॉक, ई-मेल एड्रेस लिंक, पास-की आदि कई फीचर्स हैं. अगर आपने अभी तक अपना ईमेल आईडी व्हाट्सऐप अकाउंट के साथ लिंक नहीं किया है, तो इसे लिंक कर लेने का फायदा आपको मिलेगा.

ऐसा करने से आप ईमेल के माध्यम से भी अपना अकाउंट लॉग-इन कर पाएंगे. इसके साथ ही, पास-की को भी सेट करने के अपने फायदे हैं. यह आपको फिंगरप्रिंट के माध्यम से अकाउंट को वेरीफाई करने की सुविधा देता है, जो अकाउंट की प्रोटेक्शन को बढ़ा देगा.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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