कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 से पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पर तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कोलकाता में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्होंने इस संबंध में तथ्यों की मांग की है.
श्री अरोड़ा ने कहा कि बीएसएफ देश के सर्वश्रेष्ठ बलों में एक है. बल किसी के पक्ष में या किसी के खिलाफ काम करेगा, ऐसा नहीं लगता. मुख्य चुनाव आयुक्त ने ये बातें तृणमूल के उन आरोपों के जवाब में कहीं, जिसमें कहा गया है कि सीमांत क्षेत्रों में बीएसएफ के जवान ग्रामीणों को भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए धमका रहे हैं.
श्री अरोड़ा ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया है कि राज्य पुलिस को मतदान केंद्रों से दूर रखा जायेगा. इससे पहले उन्होंने कहा था कि बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग 2019 के लोकसभा चुनाव की अपेक्षा 25 फीसदी अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने पर विचार कर रहा है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ प्रदेश में बड़े पैमाने पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती के बारे में भी सोच रही है. आयोग की पूर्ण पीठ अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बंगाल के दौरे पर थी.
उन्होंने कहा, ‘प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या में बढोतरी हुई है. राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 77,247 से बढ़कर 1,01,733 हो गयी है. इस बात के संकेत हैं कि आयोग पिछले लोकसभा चुनावों की अपेक्षा 25 फीसदी अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करने पर विचार कर रहा है. प्रदेश में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए ऐसा किया जा रहा है.’
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Posted By : Mithilesh Jha
