पश्चिम बंगाल के कूचबिहार के सीतलकुची में बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई देसी बम ब्लास्ट हुए. जिसमें बीजेपी के 2 कार्यकर्ता घायल हो गए. उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्थिति अब सामान्य हो रही है.
ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ भाजपा का विरोध प्रदर्शन
हाल के दिनों में बंगाल के कई जगहों पर ईडी और सीबीआई की छापेमारी को लेकर भाजपा ने ममता बनर्जी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूरे राज्य में विरोध मार्च निकाला. इसी दौरान उनपर कई देसी बम ब्लास्ट हुए. जिसमें भाजपा के दो कार्यकर्ता घायल हो गये.
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बम ब्लास्ट के पीछे टीएमएसी का हाथ : भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष सुकुमार रॉय ने बताया, हमने सीतलकुची इलाके के कूचबिहार में एक विशाल विरोध रैली (कथित रूप से विभिन्न घोटालों में शामिल टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी के लिए) की. उसी दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पथराव करना शुरू कर दिया और बाद में बम फेंकना शुरू किया. इस हमले में 2 पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए.
फर्जी गेमिंग ऐप के संचालकों पर छापे में ईडी ने 17.32 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन जांच के तहत कोलकाता स्थित फर्जी मोबाइल गेमिंग ऐप कंपनी के प्रवर्तकों के खिलाफ की गई छापेमारी में 17.32 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है. इस मामले में मुख्य आरोपी फरार है.
पांच मशीन लगाकर की गयी नकदी की गिनती
जांच एजेंसी की ओर से जारी एक तस्वीर में, बरामद किए गए 500 और 2000 तथा 200 और 100 रुपये के नोट के बंडल एक बिस्तर पर दिख रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि नकदी एक आवास से बरामद की गई जिस पर पते के रूप में एफ 7 एन ए खान लिखा हुआ है और यह कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में स्थित है. मुख्य आरोपी आमिर खान फरार है. तलाशी के दौरान कई दस्तावेज बरामद हुए जिन्हें जब्त कर लिया गया. परिसर से 17.32 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई है. एजेंसी के अधिकारियों ने नोट गिनने वाली कम से कम पांच मशीन लगाईं और नकदी का वास्तविक मूल्य ज्ञात करने के लिए बैंक कर्मियों को बुलाया. बाद में, एक ट्रक में पूरी नकदी रखी गई जिसे बैंक में जमा किया जाएगा.
टीएमसी का भाजपा पर पलटवार
तृणमूल कांग्रेस के नेता और कोलकाता के महापौर फिरहाद हाकिम ने कहा कि इस छापेमारी का राजनीति से कोई संबंध नहीं है और तृणमूल कांग्रेस (तृकां) का संबंधित व्यवसायी से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच पश्चिम बंगाल जैसे गैर भाजपा शासित राज्य तक ही क्यों सीमित है. उन्होंने कहा, अगर सात करोड़ रुपये बरामद हुए हैं, तो इन पैसों के स्रोतों की भी निश्चित तौर पर जांच की जानी चाहिए. लेकिन नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का क्या, जिसने सात हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि की ठगी की है. उसके (भारत से) भागने से पहले उसकी गड़बड़ी प्रकाश में क्यों नहीं आई.
