WB 10th Result 2023: पूर्व मेदिनीपुर, कलिम्पोंग ने कोलकाता को पछाड़ा, माध्यमिक में 86.15 फीसदी स्टूडेंट्स पास

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने मैट्रिक परीक्षा परिणाम 2023 जारी किये. उन्होंने बताया कि सबसे बढ़िया रिजल्ट पूर्व मेदिनीपुर का रहा. इसके बाद कलिम्पोंग, कोलकाता, पश्चिम मेदिनीपुर और अन्य जिलों का. कलिम्पोंग जिले का रिजल्ट 94.13 फीसदी, रहा तो कोलकाता इस बार तीसरे स्थान पर खिसक गया.

WB 10th Result 2023: वेस्ट बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने मैट्रिक की परीक्षा के परिणाम जारी कर दिये हैं. बंगाल में मैट्रिक की परीक्षा में 86.15 फीसदी स्टूडेंट्स पास घोषित किये गये हैं. सबसे बढ़िया रिजल्ट पूर्वी मेदिनीपुर का रहा. इस जिले के 96.81 फीसदी छात्र-छात्राओं को पास घोषित किया गया है. इस बार की मैट्रिक परीक्षा में छात्रों से ज्यादा छात्राओं ने परीक्षा दी थी. पहली बार मैट्रिक की परीक्षा में बैठने वाली अल्पसंख्यक बेटियों की संख्या बेटों से ज्यादा रही.

रिजल्ट के मामले में कोलकाता तीसरे नंबर पर

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने शुक्रवार को वर्ष 2023 की मैट्रिक परीक्षा के परिणाम जारी किये. उन्होंने बताया कि सबसे बढ़िया रिजल्ट पूर्व मेदिनीपुर का रहा. इसके बाद कलिम्पोंग, कोलकाता, पश्चिम मेदिनीपुर और अन्य जिलों का. कलिम्पोंग जिले का रिजल्ट 94.13 फीसदी, रहा तो कोलकाता इस बार तीसरे स्थान पर खिसक गया. कोलकाता में 93.75 फीसदी विद्यार्थी पास घोषित किये गये हैं. पश्चिम मेदिनीपुर में 92.13 फीसदी स्टूडेंट्स ने मैट्रिक की परीक्षा पास की है.

88.81 फीसदी विशेष जरूरतों वाले बच्चे हुए हैं पास

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने परीक्षा के परिणाम जारी करने से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बार की परीक्षा में अल्पसंख्यक समुदाय के 79,694 लड़के बैठे थे, जबकि लड़कियों की संख्या 1,29,572 रही. इस बार विशेष बच्चों के पास होने का प्रतिशत 88.81 फीसदी रहा, जो यह दर्शाता है कि बंगाल में हर वर्ग और समूह के बच्चे पढ़ाई में बेहतर कर रहे हैं.

76.03 आदिवासी बच्चे पास

अनुसूचित जाति के 82.88 फीसदी स्टूडेंट्स को परीक्षा में सफलता मिली है, जबकि 76.03 फीसदी अनुसूचित जनजाति यानी आदिवासी बच्चे भी इम्तहान में सफल हुए हैं. उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में वर्ष 2023 में 6,82,321 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी. इसमें 3,06,253 लड़के और 3,76,068 लड़कियां थीं. यानी लड़कों की तुलना में 22.8 फीसदी अधिक लड़कियों ने इस साल मैट्रिक की परीक्षा दी.

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परीक्षा देने में आगे, लेकिन सफलता में लड़कियां रह गयीं पीछे

बता दें कि माध्यमिक परीक्षा में इम्तहान देने वाले लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या ज्यादा थी, लेकिन सफलता के मामले में लड़कियां, लड़कों की तुलना में थोड़ी पिछड़ गयीं.7 अनिवार्य विषय थे, 12 फर्स्ट लैंग्वेज के, 3 सेकेंड लैंग्वेज के और 47 ऑप्शनल इलेक्टिव सब्जेक्ट थे. वर्ष 2017 के सिलेबस के आधार पर माध्यमिक की परीक्षा ली गयी थी.

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By Mithilesh Jha

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