बजट 2023 : ग्रीन ग्रोथ पर सरकार का फोकस, रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में 20,700 करोड़ का निवेश

वित्तमंत्री ने कहा कि ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए हरित ऋण कार्यक्रम की शुरुआत की जायेगी. ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा.

Union budget 2023 : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में जिस तरह के प्रावधान की घोषणा हरित विकास के लिए की है, कहना ना होगा कि उनकी मदद से भारत विश्व में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में विश्व गुरु बन जायेगा.

पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने पर जोर

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि कि बजट में हरित वृद्धि पर ध्यान दिया जा रहा है. जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल घटाने के लिए 19,700 करोड़ रुपये के कोष से कार्यक्रम चलाया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह है कि लाइफ मिशन के तहत लोगों को पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जायेगा.

हरित ऋण कार्यक्रम की शुरुआत

वित्तमंत्री ने कहा कि ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए हरित ऋण कार्यक्रम की शुरुआत की जायेगी. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि हरित ऋण कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत अधिसूचित किया जाएगा. ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा. साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में 20,700 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.

कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर जोर

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारा लक्ष्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना है इसके लिए हमने रोडमैप तैयार किया है. हरित हाइड्रोजन मिशन की शुरुआत भी इसी को ध्यान में रखकर की गयी है. 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य पर लाया जायेगा.

हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित

बजट में सरकार ने 2030 तक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लक्ष्य की घोषणा की है. कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकार की यह बड़ी पहल है. साथ ही एनर्जी ट्रांजिशन के लिए और शून्य उत्सर्जन उद्देश्यों के लिए 35,000 करोड़ रुपये के प्राथमिकता वाले पूंजी निवेश का प्रावधान भी किया गया है. सरकार यह चाहती है कि 2030 तक हरित हाइड्रोजन की मांग को बढ़ाया जाये साथ ही इसके उत्पादन और इस्तेमाल को भी बढ़ाया जाये. इसके लिए आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाना है

बैटरी ऊर्जा भंडारण को बढ़ावा

क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकार बैटरी ऊर्जा भंडारण पर फोकस करेगी. इसके लिए 4,000 मेगावाट क्षमता तक बैटरी ऊर्जा भंडारण संभव होगा. वित्तमंत्री ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत को शीर्ष पर पहुंचाने के लिए 5एमएमटी तक पहुंचाना है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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