भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी बोले, बंगाल में लागू हो राष्ट्रपति शासन

विभिन्न हिस्सों में मतदान को लेकर तनाव के बीच शुभेंदु अधिकारी ने 'चलो कालीघाट चलें, ईंटें खोलें' का नया नारा दिया है. शुभेंदु का दावा है कि बंगाल में शांति बहाल करने के दो रास्ते है.

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव शुरू होने के बाद से ही राज्य के कई हिस्सों में हलचल तेज हो गई. बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हो रही हिंसा पर बीजेपी ने टीएमसी पर निशाना साधा है. विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि तृणमूल के गुंडों और पुलिस की मिलीभगत है इसलिए इतनी हत्या हो रही हैं. ममता बनर्जी हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं. उन्होंने केन्द्र से बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग रखी है.

शुभेंदु अधिकारी का नया नारा  चलो कालीघाट चलें

विभिन्न हिस्सों में मतदान को लेकर तनाव के बीच शुभेंदु अधिकारी ने ‘चलो कालीघाट चलें, ईंटें खोलें’ का नया नारा दिया है. शुभेंदु का दावा है कि बंगाल में शांति बहाल करने के दो रास्ते है. जन विद्रोह करें या फिर बंगाल में राष्ट्रपित शासन लागू किया जाना चाहिए. इस दौरान तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि वह जानते हैं कि वह हार जायेंगे इसलिये वह ऐसी बातें कर रहे हैं. शुभेंदु को इस राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग करने से पहले दिल्ली के दादाओं से मणिपुर के बारे में बात करनी चाहिए.

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शुभेंदु लंबे समय से राज्य में केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग कर रहे है

शुभेंदु लंबे समय से राज्य में केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं. अभी तक केंद्र सरकार ने उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की है. शनिवार को शुभेंदु की आवाज में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के लिए एक संदेश भी सुनाई दिया. उन्होंने कहा अगर बंगाल में पंचायत हिंसा को लेकर कार्रवाई नहीं की जाती है तो मैं अपने पद को भी छोड़ने के लिये तैयार हूं. गौरतलब है कि पंचायत चुनाव के दौरान लगभग 16 लोगों की मौत होने की खबर आ रही है.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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