दक्षिण 24 परगना, अमित शर्मा . पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के तहत शनिवार को हुए मतदान के दौरान दक्षिण 24 परगना के अलग-अलग हिस्सों में तनाव का माहौल देखा गया. इस दौरान भांगड़ में हुई हिंसा में इंडियन सेकुलर फ्रंट (आइएसएफ) के एक कार्यकर्ता की गोली लगने से घायल हुआ है, जबकि बासंती में मतदान के लिए कतार में खड़े मतदाताओं पर बम फेंके जाने से तृणमूल के एक कार्यकर्ता को अपनी जान गंवानी पड़ी. इतना ही नहीं, इसी दिन काशीपुर इलाके में बम को गेंद समझकर खेलने के दौरान हुए विस्फोट में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गये हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि मतदान के दौरान जिले का कुछ हिस्सों में माहौल तनाव देखा गया.
शनिवार की सुबह बासंती थाना क्षेत्र के फूलमालंचक इलाके में फूलमालंच प्राथमिक स्कूल में मतदान की मतदान की प्रक्रिया चल रही थी. इसी बीच, वहां मतदान के लिए कतार में खड़े मतदाताओं पर निशाना साधकर बदमाशों ने बम फेंके. इस हमले से तृणमूल कार्यकर्ता अनीसुर उस्तागर (50) जमीन पर लहुलूहान हालत में गिर पड़ा. उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके मृत होने की पुष्टि की. अनीसुर उस्तागरपाड़ा के बूथ नंबर-92 की तृणमूल उम्मीदवार रुकैया उस्तागर का भतीजा बताया गया है. तृणमूल के स्थानीय नेताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि घटना के पीछे निर्दलीय व आइएसएफ उम्मीदवारों के समर्थकों का हाथ है. हालांकि. दोनों पक्षों ने इस आरोप को आधारहीन करार दिया है.
Also Read: पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: सीएम ममता बनर्जी 3 जुलाई को बीरभूम की जनसभा को करेंगी वर्चुअली संबोधित तृणमूल कांग्रेस व आइएसएफ कार्यकर्ताओं के बीच झड़पहिंसा की अन्य एक घटना भांगड़ के काशीपुर थाना क्षेत्र के चालताबेड़िया इलाके में बूथ नंबर-163 के पास हुई. यहां सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस व आइएसएफ कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गयी. दोनों पक्षों की ओर से जमकर पथराव किये गये. इसी बीच किसी ने गोली चला दी, जिसमें आइएसएफ कार्यकर्ता मस्त मोल्ला घायल हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तब जाकर हालात सामान्य हो पाया. घायल मोल्ला को जिरेनगाछा अस्पताल में लाया गया, जहां से उसे एसएसकेएम अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया. मतदान के दौरान हाथीशाला तृणमूल और माकपा समर्थकों के बीच भी मारपीट हुई. घटना में तृणमूल नेता राशिद मोल्ला घायल हुए हैं.
इसी दिन भांगड़ के काशीपुर थाना क्षेत्र के छायोनी इलाके में दो बच्चे गलतफहमी में एक देसी बम को गेंद समझकर खेलने लगे और उसमें विस्फोट हो जाने से दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गये. दोनों की उम्र क्रमश: आठ और 10 वर्ष हैं और वे रिश्ते में भाई-बहन हैं. घटना के बाद उन्हें जिरानगाछा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए कोलकाता स्थित एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस कर्मी यह पता करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे कि कहीं वहां और बम तो नहीं है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इलाके में मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए गत शुक्रवार को रातभर बमबाजी हुई थी. अगले दिन घटना के बाद वहां पुलिस कर्मियों के आने पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया.
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