सिवान में आरपीएफ ने अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन से 3 बच्चों को किया रेस्क्यू, तीन मानव तस्कर भी गिरफ्तार

सीवान जंक्शन से आरपीएफ ने अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन से तीन मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरपीएफ ने यहां से तीन बच्चों को भी रेस्क्यू किया है.

सीवान जंक्शन के रेलवे सुरक्षा बल ने रविवार को 15909 अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन से तस्करी कर भटिंडा ले जा रहे 3 बच्चों को बरामद किया है. इसके साथ ही आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया. खुफिया जानकारी के आधार पर एस्कॉर्ट पार्टी के सदस्य हेड कांटेबल ईश्वर चंद्रा और 02 कांस्टेबल ने ट्रेन में चेकिंग व निगरानी की. इसी दौरान कोच एस3- बर्थ नंबर 66 में 3 बच्चों के साथ 03 संदिग्ध व्यक्ति गिरफ्तार किए गए.

गिरफ्तार किए गए अपराधी 

गिरफ्तार किए गए तस्करों में पूर्णिया जिले के डगरूआ थाना क्षेत्र दुर्गागंज अमना निवासी मोहम्मद यूनुस का 36 वर्षीय पुत्र दाऊद, मेहरुद्दीन का 44 वर्षीय पुत्र मोहम्मद हाफिज तथा मोहम्मद शाहिद का एक 30 वर्षीय पुत्र मोहम्मद हबीब शामिल है.

बरामद किए गए बच्चे 

बरामद किए गए बच्चों में साजिद 8 साल, दीपक 9 साल तथा सुमन 13 साल शामिल है. पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि बचपन बचाओ आंदोलन द्वारा गाड़ी संख्या 15909 अप अवध असम एक्सप्रेस रविवार की रात को संदिग्ध तस्करों के बारे में दी गई.

पूछताछ पर मानव तस्करी का मामला लगा 

अशोक कुमार ने बताया कि उनके ठिकाने के बारे में पूछताछ करने पर, वे संदिग्ध लग रहे थे और मानव तस्करी का मामला प्रतीत हो रहे थे. समय अनुसार जब उक्त ट्रेन सीवान स्टेशन पर पहुंची तो उन्हें उतार दिया गया. टिकट के बारे में पूछे जाने पर, 3 व्यक्तियों ने बताया कि उनके पास ईएफ़टी टिकट संख्या- 923025 है. पीएनआर नंबर के साथ: 6206591643 कटिहार से भटिंडा तक का टिकट था.

सभी व्यक्ति ने यात्रा का अलग अलग कारण बताया 

यात्रा के कारण के बारे में पूछे जाने पर, सभी 3 व्यक्तियों ने एक दूसरे के साथ विरोधाभासी बयान दिया. दाउद नाम के एक शख्स ने बताया कि उन्हें पंजाब में मजदूरी के लिए एक भट्टे पर ले जाया जा रहा है. दूसरे व्यक्ति द्वारा बताया गया कि उन्हें भटिंडा के होटल में काम पर ले जाया जा रहा है और तीसरे व्यक्ति ने बताया कि बच्चों को काम के लिए लुधियाना ले जाया जा रहा है.

बच्चे ने की घर जाने की गुजारिश 

तीनों बच्चों से सौहार्दपूर्ण माहौल में पूछने पर उनमें से एक बच्चे सुमन कुमार ने बताया कि उक्त व्यक्ति उन्हें भटिंडा के होटल में काम दिलाने के लिए ले जा रहा था, जिसके बदले में 6000 रुपये दिए जाएंगे, दूसरा बच्चा दीपक ने कोई जवाब नहीं दिया और अपने घर जाने की गुजारिश करने लगा.

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इस तरह के परस्पर विरोधी कथनों के कारण, यह प्रथम दृष्टया मानव तस्करी का मामला प्रतीत हुआ. उन्होंने बताया माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सभी नियमों और निर्देशों का पालन करते हुए, उपरोक्त तीन व्यक्तियों को नाबालिग बच्चों को मजदूरी/काम और बच्चों से कड़ी मेहनत के लिए प्राप्त करने के उद्देश्य से रोक दिया गया.

जीआरपी सीवान करेगी आगे की कार्रवाई 

आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें जीआरपी सीवान को सौंप दिया गया. वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त वाराणसी डॉक्टर अभिषेक ने अभियान में शामिल रेलवे सुरक्षा सराहना करते हुए कहा जवानों ने मानवता की मिसाल कायम करते हुए उत्कृष्ट कार्य किया है.

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