Meerut News: 100 करोड़ की GST चोरी का आरोपी कमर काजमी को कोर्ट ने भेजा जेल, दुबई कनेक्शन तलाश रहीं एजेंसियां

मेरठ में कमर अहमद काजमी को फर्जी ई-वे बिल के जरिए 100 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी के मामले में कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. वह फर्जी सेल कंपनी के फर्जी ई-वे बिल बनाकर की टैक्स चोरी के मामले का सूत्रधार था. साथ ही माफिया अतीक अहमद का दूर का रिश्तेदार है.

यूपी के मेरठ में माफिया अतीक अहमद (Mafia Atiq Ahmed) का दूर का रिश्तेदार कमर अहमद काजमी (Qamar Ahmed Kazmi) को फर्जी ई-वे बिल के जरिए 100 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी (GST) चोरी के मामले में कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. वह फर्जी सेल कंपनी के फर्जी ई-वे बिल बनाकर की टैक्स चोरी के मामले का सूत्रधार था. हाल ही में वह दुबई से लौटा था. उसके छह साथियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है. अतीक अहमद से दूर की रिश्तेदारी सामने आने पर एसटीएफ (STF) बड़े गैंगस्टरों से भी उसके कनेक्शन तलाश रही है. पुलिस, एसटीएफ ने गुरुवार की रात में कमर अहमद को हिरासत में लिया था. यहां सिविल लाइन थाने में रात भर उससे पूछताछ चली. 8 कंपनियों और होटल के मालिक काजमी की पूरी रात थाने में कंबल में गुजरी. इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है. एसटीएफ एसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि कमर अहमद काजमी और उसके साथियों ने कुछ पैन कार्ड और दूसरे दस्तावेज के आधार पर जीएसटी नंबर ले लिया. इसके बाद फर्जी कंपनियां रजिस्टर्ड कराई. इन कंपनियों ने कागजों में कारोबार दिखाया था.

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दिखाते थे सप्लाई के फर्जी बिल

दरअसल, एसटीएफ को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि संगठित गिरोह फर्जी सेल कंपनी बनाकर उनके फर्जी ई-वे बिल तैयार कर टैक्स चोरी कर रहा है. जिन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें लगाई गई थीं. निरीक्षक आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने गुरुवार की शाम काशी टोल पर मर्सिडीज सवार पैरागोन एल्युमिनियम के मालिक वेस्ट एंड रोड निवासी कमर अहमद काजमी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में काजमी ने बताया कि उसकी फर्म साहिबाबाद में है. इसमें दलजीत सिंह पुत्र सरदार सत्यपाल सिंह निवासी न्यू राजेंद्र नगर दिल्ली और ऋषि आनंद पुत्र आरके आनंद निवासी कीर्ति नगर दिल्ली पार्टनर हैं. इसके अलावा पैरागॉन इंडस्ट्री लिमिटेड रुड़की हरिद्वार, माइको ग्लास इंडस्ट्री गुड़गांव, गुडएक्स ग्लास मेरठ और होटल ब्रॉडवे इन हैं, जिनमें दलजीत सिंह पार्टनर हैं. इन लोगों ने टैक्स चोरी के लिए फर्जी फर्मों से सप्लाई अपनी फर्मों में दिखाई. सिर्फ फर्जी बिलों का आदान-प्रदान किया गया. सप्लाई के फर्जी ई-वे बिल बनाकर वाहनों का भी फर्जी आवागमन दिखाया जाता था. इन बिलों के माध्यम से टैक्स चोरी की जाती थी. पिछले कुछ वर्षों में ये लोग 100 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी कर चुके थे.

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इन राज्यों तक फैला रखा था जाल

एसटीएफ ने कमर अहमद काजमी के अलावा उसके पार्टनर दलजीत सिंह, ऋषि आनंद, संजय जैन निवासी पीतमपुरा दिल्ली, रजत गर्ग निवासी सुंदर विहार दिल्ली, गौरव कुमार व अमित कुमार निवासी जगाधरी यमुनानगर हरियाणा के खिलाफ रिपोर्ट की है. एसटीएफ एसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि कमर अहमद काजमी और उसके साथियों ने कुछ पैन कार्ड और दूसरे दस्तावेज पर नंबर लेकर फर्जी कंपनी बनाई, उसका कारोबार दिखाकर फर्जीवाड़ा करता रहा.

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Author: Sandeep kumar

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