झारखंड में पुलिस-माओवादी मुठभेड़, CRPF जवान घायल, रांची में चल रहा इलाज, दहशत में ग्रामीण, पसरा सन्नाटा

Jharkhand Naxal News : झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर-कुंदा क्षेत्र के सिकिद बलही जंगल में रविवार को पुलिस व माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में सीआरपीएफ का जवान चितरंजन कुमार (33 वर्ष) घायल हो गया. घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया. रांची में इलाज चल रहा है.

Jharkhand Naxal News : झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर-कुंदा क्षेत्र के सिकिद बलही जंगल में रविवार को पुलिस व माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में सीआरपीएफ का जवान चितरंजन कुमार (33 वर्ष) घायल हो गया. घायल जवान को प्राथमिक उपचार के लिए 108 एंबुलेंस से प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया. घायल जवान के पैर व कमर में गोली लगी है. डॉ ऋषि राज इनका इलाज कर रहे हैं. आपको बता दें कि पुलिस व माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में गोलियों की तड़तड़ाहट से आधा दर्जन गांव के लोग डरे व सहमे हैं.

चतरा के जंगल में मुठभेड़ की खबर पाकर एसपी राकेश रंजन, एसडीपीओ अविनाश कुमार दल बल के साथ मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे. मुठभेड़ में शामिल सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मनीष कुमार व थाना प्रभारी विनोद समेत अन्य जवानों से उन्होंने घटना की जानकारी ली. इसके साथ ही जंगल की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया गया. सूत्रों के अनुसार माओवादी जोनल कमेटी के सदस्य अरविंद भुईयां व सब जोनल कमांडर मनोहर गंझु के दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई है. एसपी ने बताया कि माओवादियों को क्षेत्र में होने की सूचना पाकर सीआरपीएफ व प्रतापपुर थाना पुलिस के द्वारा नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा था. इस दौरान पुलिस को देख माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. पुलिस व माओवादियों के बीच दो घंटे तक मुठभेड़ चली है. मुठभेड़ के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले. एसपी ने कहा कि माओवादियों के मंसूबे को सफल नहीं होने दिया जायेगा.

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पुलिस व माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में गोलियों की तड़तड़ाहट से आधा दर्जन गांव के लोग डरे व सहमे हैं. मुठभेड़ की घटना से गांव में सन्नाटा पसरा है. गोली चलने की आवाज सुनकर लोग अपने-अपने घरों में कैद हो गये. जंगल में मवेशी चरा रहे चरवाहा भी मवेशी छोड़कर अपनी जान बचाकर अपने घर पहुंचे. जिउतिया पर्व को लेकर लगे बाजार में भी सन्नाटा छा गया. मुठभेड़ से हिंदियाकला, बलही, चैनपुर, बधार, घियाही, अनगड़ा समेत कई गांव के लोग डरे व सहमे हैं.

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रिपोर्ट : दीनबंधु, चतरा

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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