Odisha Rajya Sabha Elections: अश्विनी वैष्णव और BJD के दो उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत, जानें चुनाव की नौबत क्यों नहीं आई

Odisha Rajya Sabha Elections: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और बीजू जनता दल (बीजद) के देबाशीष सामंतराय और सुभाशीष खुंटिया मंगलवार को ओडिशा से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा चुनाव में जीत का प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया. चुनाव अधिकारी अबनिकांता पटनायक ने आज दोपहर नामांकन वापस लेने […]

Odisha Rajya Sabha Elections: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और बीजू जनता दल (बीजद) के देबाशीष सामंतराय और सुभाशीष खुंटिया मंगलवार को ओडिशा से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा चुनाव में जीत का प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया. चुनाव अधिकारी अबनिकांता पटनायक ने आज दोपहर नामांकन वापस लेने की समयसीमा बीत जाने के बाद निर्वाचित उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की.

जीत के बाद क्या बोले अश्विनी वैष्णव

राज्सभा चुनाव में निर्विरोध विजयी होने के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वे मुझे सेवा करने की शक्ति दें. ये एक तरह से समाज का ऋण चुकाने का मौका है. विजयी घोषित किये जाने के बाद वैष्णव ने भुवनेश्वर स्थित श्री राम मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की.

बीजद के समर्थन से विजयी हुए अश्विनी वैष्णव

बीजेपी प्रत्याशी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ओड़िशा के सत्तारूढ़ दल बीजद के समर्थन से राज्यसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए हैं. वैष्णव ने नामांकन दर्ज करने के आखिरी दिन 15 फरवरी को अपना पर्चा जमा किया था जबकि दो बीजद प्रत्याशियों ने 13 फरवरी को नामांकन पत्र भरा था. वैसे तो बीजद के पास इस साल अप्रैल में (ओडिशा से) खाली हो रही सभी तीन राज्यसभा सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल था लेकिन उसने भाजपा के उम्मीदवार वैष्णव के लिए एक सीट छोड़ते हुए केवल दो प्रत्याशियों को ही चुनाव मैदान में उतारने का मन बनाया.

नवीन पटनायक ने वैष्णव के समर्थन का पहले ही कर दिया था एलान

नवीन पटनायक की अगुवाई वाले बीजद ने ‘राज्य के रेलवे एवं दूरसंचार विकास के व्यापक हित में’ वैष्णव का समर्थन करने का एलान किया था. 2019 में भी पटनायक ने वैष्णव का समर्थन किया था जब वह पहली बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे.

ओडिशा में राज्यसभा के लिए नहीं पड़ी चुनाव कराने की जरूरत

निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चूंकि इन्हीं तीनों उम्मीदवारों ने ही खाली हो रही तीन सीट के लिए अपना नामांकन पत्र भरा था इसलिए चुनाव की जरूरत ही नहीं पड़ी. तीन राज्यसभा सदस्यों वैष्णव तथा बीजद के प्रशांत नंदा और अमर पटनायक का कार्यकाल इस साल अप्रैल में पूरा हो जाएगा. यह चुनाव प्रक्रिया इन्हीं रिक्तियों को भरने के लिए की गयी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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