झारखंड: 10 लाख के इनामी भाकपा माओवादी जोनल कमांडर लालदीप गंझू ने किया सरेंडर, 20 साल में संगठन में था एक्टिव

लातेहार के एसपी ने जानकारी दी कि दस लाख का इनामी भाकपा माओवादी जोनल कमांडर लालदीप गंझू 2004 में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से जुड़ा था. 20 वर्षों तक संगठन में पूरी तरह सक्रिय रहा. आज उसने सरेंडर कर दिया.

लातेहार, चंद्रप्रकाश सिंह: झारखंड के लातेहार में दस लाख के इनामी भाकपा माओवादी जोनल कमांडर लालदीप गंझू उर्फ कल्टू उर्फ कार्तिक गंझू उर्फ मोजिंदर ने शनिवार को एसपी कार्यालय में पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. लालदीप गंझू के खिलाफ झारखंड के लातेहार जिले के गारू, बालूमाथ के अलावा बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाने में कुल आठ मामले दर्ज हैं. नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से ये दो दशक से जुड़ा था. कई बड़ी घटनाओं में ये शामिल रहा था. ये जानकारी पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने शनिवार को दी.

20 साल से भाकपा माओवादी से जुड़ा था लालदीप

लातेहार के एसपी ने जानकारी दी कि दस लाख का इनामी भाकपा माओवादी जोनल कमांडर लालदीप गंझू 2004 में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से जुड़ा था. 20 वर्षों तक संगठन में पूरी तरह सक्रिय रहा. उन्होंने बताया कि लातेहार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस द्वारा नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया, जिससे माओवादी संगठन कमजोर हुआ. पुलिस की दबिश के बाद कई शीर्ष कमांडर गिरफ्तार कर लिए गए और कई ने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है.

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झारखंड के अलावा बिहार में भी दर्ज हैं केस

लातेहार के एसपी ने कहा कि लालदीप गंझू ने झारखंड सरकार की आत्म समर्पण नीति नई दिशा से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर दिया है. बूढ़ा पहाड़ पर ऑपरेशन ऑक्टोप्स व डबल बुल चलाया गया था. इससे माओवादी काफी कमजोर हो गये हैं. लातेहार जिले में जितनी बड़ी घटनाएं हुई हैं, उन सभी घटनाओं में ये मुख्य रूप से शामिल रहा है. इसके अलावा बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में कई बड़ी घटनाओं में लालदीप शामिल रहा है. मदनपुर थाने में लालदीप के खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं.

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लेखक के बारे में

By Guru swarup mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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