Jharkhand news: कोडरमा जिला अंतर्गत झुमरीतिलैया थाना क्षेत्र के तिलैया-गझंडी रोड के रोहनियाटांड जंगल से शुक्रवार को एक युवक का शव मरामद हुआ. शव जंगल में एक पेड़ पर रस्सी के सहारे लटका हुआ था. शव की पहचान 19 वर्षीय अमर कुमार पिता श्यामसुंदर दास निवासी डोइयांडीह के रूप में हुई है. युवक गत 5 दिनों से लापता था. इसको लेकर पिता ने गत 14 फरवरी, 2022 को थाना में आवेदन भी दिया था. पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि इसी बीच उसका शव जंगल से बरामद हुआ. परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
क्या है मामला
मालूम हो कि मृतक के पिता श्यामसुंदर दास ने 14 फरवरी को थाना में दिये आवेदन में कहा था कि उनका 19 वर्षीय पुत्र अमर कुमार लापता है. अमर 13 फरवरी की सुबह 10 बजे घर से किसी कार्य को लेकर साइकिल से निकला था, पर इसके काफी देर बाद तक घर नहीं पहुंचा. उसकी खोजबीन की गई, पर पता नहीं चला. उन्होंने अपने पुत्र के खोजबीन का आग्रह किया था.
लकड़ी काटने गई महिलाओं ने शव को देखा
जानकारी के अनुसार, रोहनियाटांड जंगल में रोजाना की तरह लकड़ी काटने गई महिलाओं ने दोपहर करीब 12 बजे सबसे पहले युवक का शव पेड़ से लटकता देखा. इसके बाद जानकारी होने पर आसपास के ग्रामीण वहां पहुंचे, तो युवक की पहचान अमर के रूप में की गई. सूचना पर डीएसपी मुख्यालय संजीव कुमार सिंह, तिलैया थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह व अन्य मौके पर पहुंचे. पुलिस ने देर शाम शव को पेड़ से उतारा व पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा.
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परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप
पुलिस ने घटनास्थल के पास ही शव के पास से ही मृतक का चप्पल व कुछ दूरी पर से साइकिल बरामद किया है. फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने की कोशिश की. इधर, घटना को लेकर मृतक के चाचा नारायण दास पिता स्वर्गीय तिलकधारी दास ने आवेदन देकर हत्या का आरोप लगाया है.
एसपी को सौंपा आवेदन
मृतक के चाचा ने एसपी के नाम लिखे आवेदन में मामले का जल्द उद्भेदन करते हुए दोषियों को फांसी की सजा दिलाने सहित अन्य मांग की गई है. साथ ही कहा गया है कि मृतक अपने परिवार का एकलौता चिराग था. ऐसे में परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा व मृतक के पिता को सरकारी नौकरी दी जाये. वहीं, डीएसपी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि परिवारवाले जो भी आशंका व्यक्त करेंगे उसके आधार पर केस दर्ज कर आगे की जांच की जायेगी.
पुत्र की हत्या से बिखरा परिवार
बताया जाता है कि मृतक तीन बहन व एकमात्र भाई था. उसकी मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटनास्थल पर मृतक के माता-पिता नहीं पहुंच पाये थे. घटना की जानकारी मिलने पर ही दोनों ने सुधबुध खो दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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डीसी से मिलेगा समिति का प्रतिनिधिमंडल
इधर, घटना को लेकर दलित उत्पीड़न संघर्ष समिति ने रोष जताया है. जिलाध्यक्ष इंद्रदेव राम ने घटना का जल्द उद्भेदन करते हुए दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है. साथ ही कहा है कि इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने को लेकर शनिवार को डीसी से एक प्रतिनिधिमंडल मिलेगा.
Posted By: Samir Ranjan.
