Abu Dhabi Grand Prix: रेडबुल के मैक्स वेरस्टाप्पेन (Max Verstappen) ने फॉर्मूला वन के इतिहास की सबसे रोचक रेस में से एक में लुईस हैमिल्टन को आखिरी लैप में पछाड़ते हुए अबुधाबी ग्रां प्री जीत ली और विश्व चैम्पियन बनने वाले पहले डच ड्राइवर बन गये. सात बार खिताब जीतने का माइकल शूमाकर का रिकॉर्ड तोड़ने की दहलीज पर खड़े हैमिल्टन और वेरस्टाप्पेन ने आखिरी लैप में साथ शुरुआत की थी. पहले चार मोड़ में ही वेरस्टाप्पेन ने उन्हें पछाड़ दिया. रेडबुल ने 2013 के बाद पहली बार एफवन खिताब जीता. उसके बाद से हर बार मर्सीडीज जीतती आयी है.
वेरस्टाप्पेन ने रोमांचक अंदाज में आखिरी लैप में जीत दर्ज करते हुए 25 पॉइंट्स हासिल किये और कुल 395.5 के साथ खिताब अपने नाम किया. इसके साथ ही वह ये खिताब जीतने वाले पहले डच रेसर बन गये हैं. यास मरिना ट्रैक पर हुई 58 लैप की इस रेस में हैमिल्टन ने शुरू से लेकर लगभग आखिर तक पहला स्थान बनाये रखा, लेकिन 54वें मिनट में हुई घटना ने सब बदल दिया. 54वें लैप में विलियम्स रेसिंग टीम के ड्राइवर निकोलस लातिफी की कार क्रैश हो गयी, जिसके कारण सेफ्टी कार लागू कर दी गयी, जिसके तहत सभी ड्राइवरों को रफ्तार घटानी पड़ी और ट्रैक से मलबा साफ होने तक ओवरटेक पर रोक लगी. हैमिल्टन इस वक्त पहले और वेरस्टाप्पेन दूसरे स्थान पर थे.
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लुईस हैमिल्टन का रिकॉर्ड आठ बार विश्व चैंपियन बनने का सपना टूटा
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वेरस्टाप्पेन ने रोमांचक अंदाज में आखिरी लैप में जीत दर्ज करते हुए 25 पॉइंट्स हासिल किये और 395.5 के साथ खिताब अपने नाम किया
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वेरस्टाप्पेन पहली बार बने वर्ल्ड चैंपियन
इस जीत के साथ ही वेरस्टाप्पेन ने हैमिल्टन के लगातार 6 साल से चले आ रहे जीत के सिलसिले को भी तोड़ दिया. अबू धाबी ग्रां प्री से पहले दोनों रेसर 369.5 पॉइंट्स के साथ बराबरी पर थे और इस रेस से चैंपियनशिप विजेता का फैसला होना था. ब्रिटेन के हैमिल्टन जीतते, तो वह आठ बार विश्व चैंपियन बनने वाले दुनिया के पहले ड्राइवर होते. दिग्गज माइकल शूमाकर (7) को पीछे छोड़ देते , लेकिन नीदरलैंड के मैक्स ने बाजी मारते हुए हैमिल्टन का इंतजार बढ़ा दिया.
