कोलकाता : चुनाव से पहले ममता बनर्जी की सरकार ने पेट्रोल, डीजल की कीमतों में कटौती करके जनता को थोड़ी राहत दी है. पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को पेट्रोल और डीजल पर कर में एक रुपया प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की, जो कि आज मध्यरात्रि से प्रभावी होगी.
राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा कि इस कदम से लोगों को ईंधन की कीमतों में वृद्धि से कुछ राहत मिलेगी. मित्रा ने कहा, ‘केंद्र पेट्रोल से कर के तौर पर 32.90 रुपये प्रति लीटर कमाता है, जबकि राज्य को केवल 18.46 रुपये मिलते हैं. डीजल के मामले में, केंद्र सरकार की कमाई 31.80 रुपये प्रति लीटर है जबकि राज्य के लिए 12.77 रुपये है.’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने उपकर लगाया है, ताकि राज्यों को उनका हिस्सा नहीं देना पड़े. यह ‘संघवाद की विशेषताओं के खिलाफ’ है. श्री मित्रा ने एक सवाल पर कहा कि केंद्र सरकार को योजना आयोग को फिर से लाना चाहिए.
Also Read: अमित शाह को कोर्ट नोटिस के बाद अभिषेक बनर्जी की पत्नी के घर पहुंची CBI की टीम टीएमसी ने केंद्र के खिलाफ कोलकाता में रैली निकालीपेट्रोल-डीजल व रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में पदयात्रा की व रैलियां निकालीं. बेहाला में 3ए बस स्टैंड (ठाकुरपुकुर) से लेकर 14 नंबर बस स्टैंड तक राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के नेतृत्व में रैली निकाली गयी.
इस रैली में पूर्व व पश्चिम बेहाला के कई लोग शामिल हुए. शिक्षा मंत्री ने कहा कि मध्य वर्गीय व निम्न वर्गीय परिवार के लोगों के लिए राज्य की मुख्यमंत्री हमेशा आवाज उठाती रही हैं. केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल के साथ रसोई गैस भी महंगा कर दिया है, जिससे गरीब गृहिणियों को घर चलाने में आगे काफी समस्या होने वाली है.
Also Read: अभिषेक की पत्नी को CBI नोटिस पर बोला सोशल मीडिया- ‘तोता का खेल शुरू’, किसी ने कहा- ‘नहले पे दहला’इस मूल्य वृद्धि के विरोध में ही राज्य भर में टीएमसी की ओर से पदयात्रा व रैली निकाली गयी. मंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीजल मंहगा करने से राज्य की परिवहन व्यवस्था, उद्योग व कृषि पर भी इसका बहुत असर पड़ेगा. रोज कमाने खाने वाले लोगों पर भी इसका बोझ बढ़ेगा.
Posted By : Mithilesh Jha
