चंद्रयान-3 की सफलता को सेलिब्रेट करने के लिए LXS Moonshine लॉन्च, जानें इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की खासियत

लेक्ट्रिक्स ईवी ने गुरुवार को एलएक्सएस मूनशाइन स्पेशल एडिशन इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करने की घोषणा की, जो लेक्ट्रिक्स एलएक्सएस स्टैंडर्ड बेस्ड है. लिमिटेड वेरिएंट्स वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर को 23 अगस्त, 2023 को भारत के ऐतिहासिक चंद्रमा पर उतरने के उपलक्ष्य में पेश किया गया है.

नई दिल्ली : 23 अगस्त 2023 को अपने चंद्र अभियान के तहत भारत को बहुत बड़ी सफलता हासिल हुई है. बुधवार की शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम रोवर प्रज्ञान को लेकर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखा. भारत की इस सफलता के बाद भारत ही नहीं, दुनियाभर में जश्न मनाया जा रहा है. इसका कारण यह है कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने वाला भारत दुनिया का पहला देश है. हालांकि, चांद की सतह पर पहुंचने वाले देशों में इसका चौथा स्थान है. इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस शामिल हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इस यादगार पल को संजोये रखने के लिए भारत में जश्न का माहौल बना है. ऑटोमोटिव क्षेत्र की कई कंपनियां इस लम्हे को यादगार बनाने के लिए वाहनों को पेश कर रही हैं. खबर है कि इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाले स्टार्ट-अप लेक्ट्रिक्स ईवी ने गुरुवार को एलएक्सएस मूनशाइन स्पेशल एडिशन इलेक्ट्रिक स्कूटर को भारत के बाजार में लॉन्च किया है.

एलएक्सएस मूनशाइन स्पेशल एडिशन का डिजाइन

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लेक्ट्रिक्स ईवी ने गुरुवार को एलएक्सएस मूनशाइन स्पेशल एडिशन इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करने की घोषणा की, जो लेक्ट्रिक्स एलएक्सएस स्टैंडर्ड बेस्ड है. हालांकि, निर्माता ने अपने नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत का खुलासा नहीं किया है. इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप ने दावा किया है कि लिमिटेड वेरिएंट्स वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर को 23 अगस्त, 2023 को भारत के ऐतिहासिक चंद्रमा पर उतरने के उपलक्ष्य में पेश किया गया है. स्पेशल एडिशन स्कूटर का मानक LXS के समान डिजाइन के साथ आता है, लेकिन पूरे बॉडी पर कुछ स्पेशल डिजाइन तैयार किया है, जो इसे खास बनाता है.

एलएक्सएस मूनशाइन स्पेशल एडिशन में सुनहरा प्रतीक चिह्न

लेक्ट्रिक्स मूनशाइन में एक सुनहरा प्रतीक चिह्न दिया गया है, जिसमें दो तीर आकाश की ओर दिए गए हैं. इसके बारे में निर्माता का कहना है कि यह भारत के उभरते अंतरिक्ष युग का प्रतिनिधित्व करता है. अंतरिक्ष युग का प्रतीक वास्तव में लेक्ट्रिक्स के अपने ब्रांड लोगो का एक एडिशन है. दिखने में छोटे बदलावों के अलावा स्पेशल एडिशन इलेक्ट्रिक स्कूटर एलएक्सएस के स्टैंडर्ड एडिशन के समान ही है.

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एलएक्सएस मूनशाइन स्पेशल एडिशन की बैटरी और चार्जिंग

हालांकि, एलएक्सएस मूनशाइन स्पेशल एडिशन में कोई मैकेनिकल बदलाव नहीं किया गया है. लेक्ट्रिक्स मूनशाइन एक बार चार्ज करने पर 89 किमी की रेंज का वादा करता है. 48-वोल्ट एडवांस्ड लिथियम-आयन बैटरी पैक और 1200-वाट इलेक्ट्रिक मोटर द्वारा संचालित, इलेक्ट्रिक स्कूटर 50 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड से चलने में सक्षम है. लेक्ट्रिक्स मूनशाइन मानक एलएक्सएस की तरह ही पांच सेकंड में 0-25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है. बैटरी को फुल चार्ज होने में तीन से चार घंटे का समय लगता है.

एलएक्सएस मूनशाइन स्पेशल एडिशन के व्हील्स

लेक्ट्रिक्स मूनशाइन के फ्रंट और बैक व्हील्स 10 इंच ट्यूबलेस टायरों से लैस है. ब्रेकिंग सिस्टम में कॉम्बी-ब्रेकिंग सिस्टम (सीबीएस) के साथ फ्रंट और बैक में दोनों व्हील्स पर ड्रम ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है. सस्पेंशन ड्यूटी के लिए स्कूटर में टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और रियर में कॉइल स्प्रिंग्स मिलते हैं. स्पेशल एडिशन इलेक्ट्रिक स्कूटर के लॉन्च के बारे में लेक्ट्रिक्स ईवी के एमडी और सीईओ के विजया कुमार ने कहा कि मूनशाइन अपने ग्राहकों को चंद्रयान में भारत की उपलब्धि से प्रेरित होकर अपने स्वयं के व्यक्तिगत लक्ष्य निर्धारित करने और उन तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करने के लेक्ट्रिक्स के प्रयास के रूप में आता है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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