Janmashtami 2023: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को क्यों लगाया जाता है 56 भोग, जानें ये होते हैं छप्पन आहार

1 / 1
Janmashtami 2023: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को क्यों लगाया जाता है 56 भोग, जानें ये होते हैं छप्पन आहार
फुल स्क्रीन में देखें

Janmashtami 2023: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को क्यों लगाया जाता है 56 भोग, जानें ये होते हैं छप्पन आहार

Janmashtami 2023 56 Bhog: आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत है. जन्माष्टमी पर्व को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के अवसर के रूप में मनाया जाता है. आज कान्हा की पूजा के दौरान छप्पन भोग भी लगाया जाता है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना कर 56 भोग लगाने के बाद व्रत खोलते हैं.

भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाने के पीछे कई पौरणिक कथाएं

भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाने के पीछे कई पौरणिक कथाएं प्रचलित है. पहली कथा के अनुसार,जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाया जाता है. लेकिन छप्पन भोग क्यों लगाया जाता है, इसके बारे में कम ही लोग जानते होंगे. भगवान श्री कृष्ण को छप्पन भोग लगाए जाने के पीछे एक कथा प्रसिद्ध है.

गोपियों ने 56 तरह के आहार देने की मन्नत मांगी थी

धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण को पाने के लिए गोपियों ने मास पर्यन्त यमुना में ब्रम्ह मुहूर्त स्नान किया था. सभी गोपियां कृष्ण को अपने वर के रूप में देखना चाहती थीं. ऐसे में गोपियों ने स्नान किया और मां कात्यायनी से कृष्ण को अपने वर के रूप में देखने की मन्नत मांगी. इसके बदले में गोपियों से मां कात्यायनी को उद्दापन में 56 तरह के आहार देने की मन्नत मांगी थी.

भगवान श्रीकृष्ण को कब खिलाए गए थे 56 व्यंजन

इसी के बाद से भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगाया जाने लगा. दूसरी कथा के अनुसार, इंद्रदेव के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था तब उन्हें लगातार सात दिन भूखा रहना पड़ा था. इसके बाद उन्हें सात दिनों और आठ पहर के हिसाब से 56 व्यंजन खिलाए गए थे.

भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाने की परंपरा

माना जाता है इस घटना के बाद से ही श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाने की परंपरा शुरू हुई. जन्माष्टमी के दिन आप भी भगवान कृष्ण को 56 भोग लगा सकते हैं. छप्पन भोग लगाने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और इससे आपकी हर मनोकामना भी पूरी होती है.

छप्पन तरह के आहार

भात, दाल, चटनी, कढ़ी, दही शाक की कढ़ी, सिखरन, शरबत, बाटी, मुरब्बा, शर्करा युक्त, बड़ा, मठरी, फेनी, पूरी, खजला, घेवर, मालपुआ, साग, अधानौ अचार, मोठ, खीर, दही, गाय का घी, मक्खन, चोला, जलेबी, मेसू,

Janmashtami 2023 56 bhog: छप्पन आहार

रसगुल्ला, पगी हुई, महारायता, थूली, लौंगपूरी, खुरमा, दलिया, परिखा, सौंफ, बिलसारू, लड्डू, मलाई, रबड़ी, पापड़, सीरा), लस्सी, सुवत, मोहन, सुपारी, इलायची, फल, तांबूल, मोहन भोग, लवण, कषाय, मधुर, तिक्त, कटु और अम्ल.

जन्माष्टमी पर कान्हा को लगाए इन चीजों का भोग, बनेंगे हर बिगड़े काम

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Radheshyam kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >