मिनी माथुर संग अपनी शादी को लेकर बोले कबीर खान- धर्म हमारे बीच कभी भी मुद्दा नहीं था...

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ खास बातचीत में कबीर खान ने खुलासा किया कि मिनी एक बहुत ही पारंपरिक माथुर परिवार से आती हैं. उन्होंने कहा कि वास्तव में धर्म कभी भी एक मुद्दा नहीं था.

फिल्म निर्माता कबीर खान और टीवी होस्ट मिनी माथुर ने हाल ही में शादी के 25 साल पूरे किए. यह जोड़ी 28 फरवरी 1998 को शादी के बंधन में बंधी थी और उनके दो बच्चे विवान खान और सान्या खान हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू में कबीर खान ने मिनी माथुर के साथ अपने विवाहित जीवन के बारे में बात की और यह खुलासा किया कि क्या कभी उनका धर्म एक समस्या बना था जब वे शादी करना चाहते थे.

धर्म कभी भी एक मुद्दा नहीं था

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ खास बातचीत में कबीर खान ने खुलासा किया कि मिनी एक बहुत ही पारंपरिक माथुर परिवार से आती हैं. उन्होंने कहा कि वास्तव में धर्म कभी भी एक मुद्दा नहीं था, लेकिन शुरुआत में मिनी ने सोचा था कि उनके परिवार को समझाने की कोशिश में उन्हें मुश्किलों को सामना करना पड़ सकता है. कबीर ने कहा, “लेकिन यह बहुत अच्छा है कि कैसे उन सभी ने मुझे स्वीकार किया.”

सभी त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया

कबीर ने यह भी बताया कि उनके बचपन के दौरान धर्म कभी भी संघर्ष का विषय नहीं था. उन्होंने और उनके माता-पिता ने सभी त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया, चाहे वह दीवाली ईद हो या क्रिसमस. फिल्म निर्माता ने दावा किया कि उनके परिवार के शादी के लिए राजी होने के बाद उन्होंने दोनों तरफ से शादी की रस्में पूरी कीं, खुद से ज्यादा परिवारों के लिए.

धर्म में विश्वास नहीं करता हूं

कबीर खान ने कहा, “मैं एक नास्तिक हूं, मैं वास्तव में भगवान और धर्म में विश्वास नहीं करता हूं, इसलिए मेरे लिए यह सब स्वीकार करना बहुत आसान था. हमारे बीच कई झगड़े हुए, हमारे बीच कई मुद्दे थे, लेकिन धर्म कभी भी मुद्दा नहीं रहा.” बता दें कि 28 फरवरी को शादी की सालगिरह के अवसर पर मिनी माथुर ने यादों के गलियारों से शादी की कई खूबसूरत तस्वीरें साझा की थी.

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बच्चों को एक दिशा में धकेलने की कभी कोशिश नहीं की

इसी इंटरव्यू में कबीर खान ने मिनी माथुर के साथ अपने बच्चों के पालन-पोषण के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि, “जिस तरह से हमने अपने बच्चों को पाला है, उसी तरह से मुझे भी पाला गया है. हमने वास्तव में उन्हें एक दिशा में धकेलने की कभी कोशिश नहीं की. हम उन्हें जश्न मनाने देते हैं और उनका जो कुछ भी जुनून है उसका पालन करते हैं. वो खुद अपना रास्ता खोज लेंगे.”

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लेखक के बारे में

By Budhmani Minj

Senior Journalist having over 10 years experience in Digital, Print and Electronic Media.Good writing skill in Entertainment Beat. Fellow of Centre for Cultural Resources and Training .

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