आतंक के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता, दो बड़े नक्सलियों को लगी गोली, लोहरदगा में चल रहा मुठभेड़

लोहरदगा के बुलबुल जंगल में चल रहे पुलिस नक्सली मुठभेड़ में दो बड़े नक्सली को गोली लगने की संभावना जतायी गयी है. हालांकि अब तक दोनों का शव बरामद नहीं हो सका है

लोहरदगा : लोहरदगा के पेशरार स्थित बुलबुल जंगल में माओवादी और सुरक्षाबलों के बीच शुक्रवार को फिर मुठभेड़ हो गयी, जो कि देर शाम तक जारी थी. शुक्रवार को ही दोपहर में लातेहार सदर थाना क्षेत्र के केदली टोला जंगल में भी पुलिस की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई. लोहरदगा के बुलबुल जंगल में हुई मुठभेड़ में 15 लाख के इनामी रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू का दस्ता शामिल है. मुठभेड़ आमने-सामने और कम दूरी से हुई, जिसमें गोली लगने से और दो नक्सलियों के मारे जाने की संभावना पुलिस जता रही है.

हालांकि किसी नक्सली का शव बरामद नहीं हुआ है. सर्च अभियान में पुलिस ने एक इंसास रायफल और दर्जनों राउंड कारतूस बरामद किये हैं. मुठभेड़ स्थल पर जिस तरफ नक्सली थे, उधर जगह-जगह खून के धब्बे दिखायी पड़ रहे थे. बरामद इंसास के आधार पर पुलिस के अधिकारी यह कह रहे हैं कि इस तरह का हथियार रविंद्र गंझू दस्ते के रंथू उरांव, छोटू खेरवार या लाजिम अंसारी के पास है. अगर हथियार उन्हीं का मिला है, तब तीनों में से किसी एक को गोली भी लगी हो सकती है. शव मिलने के बाद ही सही तथ्य

गोली लगने के वक्त ढलान पर थे नक्सली

कहा जा रहा है कि जिस स्थान पर मुठभेड़ हुई है, वह ऊंचाई पर है. वहीं जिस ओर नक्सली जिस ओर थे, वह नीचे की ओर है. इस कारण जिस नक्सली को गोली लगी होगी, उसका शव ढलान से नीचे चला गया होगा. आगे सर्च अभियान में संभावना है कि शव मिले. यह भी संभव है कि नक्सली अपने साथी का शव ले गये होंगे.

मुठभेड़ के दौरान दो दिन पूर्व मारे गये नक्सली की अब तक शिनाख्त नहीं

बुलबुल जंगल में मुठभेड़ के दौरान 16 फरवरी को मारे गये नक्सली की शिनाख्त शुक्रवार को भी नहीं हो सकी. 17 फरवरी की रात को जंगल से शव निकलने के बाद पुलिस उसे लोहदगा सदर अस्पताल रात 11 बजे ले गयी थी.

अगले दिन शुक्रवार को दोपहर लगभग दो बजे बालक गंझू के भाई फूलदेव गंजू व रामू गंझू को पुलिस शव पहचानने के लिए उनके घर दूधीमाटी से सदर अस्पताल लेकर आयी. शव पहचानने के दौरान मीडिया से बात करते हुए बालक गंझू के भाई रामू गंझू ने बताया कि हमें दिखाया गया शव बालक गंझू का नहीं है, क्योंकि उसके दायें पैर की अंगुलियां बम ब्लास्ट के दौरान उड़ गयी थीं. इधर, शुक्रवार की सुबह में दिनेश नगेसिया का शव होने से उसके परिजनों ने भी इनकार कर दिया. बाद में ग्रामीणों ने भी पहचान से इंकार कर दिया.

लातेहार में भी मुठभेड़, इंसास कारतूस व अन्य सामग्री बरामद

लातेहार. भाकपा माओवादी व पुलिस के बीच शुक्रवार की दोपहर में सदर थाना क्षेत्र के केदली टोला जंगल में मुठभेड़ हुई. इस दौरान दोनों ओर से लगभग 100 राउंड गोलियां चलीं. पुलिस ने केदली टोला व नारायणपुर समेत लातेहार-लोहरदगा जिले के सीमा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया.

इसमें एक इंसास, एक पिस्टल, 1590 राउंड कारतूस िमले, इसके अलावा 19 मैगजीन, 13 आइइडी और अन्य सामग्री बरामद की गयी. एसपी अंजनी अंजन ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सर्च आपरेशन में काफी मात्रा में जेलेटीन, तार, वॉकी टॉकी, मोटरसाइकिल की चाबियां, पीठू व दैनिक उपयोग की सामग्रियां भी बरामद की गयीं. पिछले कई दिनों से लातेहार व लोहरदगा सीमा क्षेत्र के जंगलों में सघन छापेमारी की जा रही है.

बुलबुल जंगल में कब-कब क्या हुआ

10 फरवरी : सर्च अभियान के दौरान मुठभेड़ हुई थी, दोनों ओर से लगभग 50 राउंड गोलियां चली थीं.

11 फरवरी : सर्च अभियान के दौरान बुलबुल जंगल में आइइडी ब्लास्ट में कोबरा बटालियन के दो जवान दिलीप कुमार और नारायण दास घायल.

12 फरवरी : बुलबुल जंगल में फिर से आइइडी ब्लास्ट. कोबरा बटालियन के जवान तोमिन कुमार घायल.

13 फरवरी : पुलिस और नक्सलियों में गोलीबारी. दोनों ओर से करीब 50 राउंड गोलियां चलीं. सर्च अभियान में पुलिस को नक्सलियों के हथियार, गोली सहित कई विस्फोटक सामान मिले.

14 फरवरी : बुलबुल जंगल के साथ अलग-अलग जगह घघरी, गोताक और लातेहार सीमावर्ती क्षेत्रों के मराइन जंगलों में सर्च अभियान चलाया गया. बंकर मिले.

15 फरवरी : बुलबुल जंगल में सर्च अभियान चलाया गया.

16 फरवरी : बुलबुल जंगल में माओवादी और पुलिस के बीच मुठभेड़, इसमें एक नक्सली मारा गया.

17 फरवरी : मृत नक्सली का शव पहाड़ से नीचे लाने के बाद लोहरदगा सदर अस्पताल रात 11 बजे ले जाया गया.

Posted by : Sameer Oreaon

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Published by: Prabhat khabar news desk

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