CWG 2022: भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन, अमित पंघाल और नीतू गंघास ने जीते गोल्ड मेडल, भारत के हुए 15 स्वर्ण

भारतीय मुक्केबाजी दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को तीन गोल्ड मेडल दिलाये. वर्ल्ड चैंपियन निकहत जरीन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड जीता. इसके साथ ही अमित पंघाल और नीतू गंघास ने अपने -अपने मुकाबले में गोल्ड मेडल अपने नाम किये. लवलीना बोरगोहेन कोई भी पदक नहीं जीत पायी और पहले ही बाहर हो गयीं.

मौजूदा विश्व चैम्पियन निकहत जरीन सहित भारतीय स्टार मुक्केबाज अमित पंघाल और नीतू गंघास ने रविवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किये. शानदार फॉर्म में चल रही 26 साल की निकहत ने लाइट फ्लाईवेट (48-50 किग्रा) स्पर्धा में उत्तरी आयरलैंड की कार्ले मैकनॉल पर एकतरफा फाइनल में 5-0 से जीत दर्ज की. पंघाल ने पिछले राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में मिली हार का बदला चुकता करते हुए पुरुष फ्लाईवेट वर्ग में जबकि नीतू गंघास ने पदार्पण में ही दबदबा बनाते हुए स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले.

अमित के मुक्के से विपक्षी को लगी चोट

पंघाल (48-51 किग्रा) को चार साल पहले गोल्ड कोस्ट में इंग्लैंड के ही एक प्रतिद्वंद्वी से इसी चरण में हार मिली थी लेकिन इस बार 26 साल के मुक्केबाज ने अपनी आक्रामकता के बूते घरेलू प्रबल दावेदार मैकडोनल्ड कियारान को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. पंघाल काफी तेजी से मुक्के जड़ रहे थे जिससे इस दौरान मैकडोनल्ड के आंख के ऊपर एक कट भी लग गया जिसके लिये उन्हें टांके लगवाने पड़े और खेल रोकना पड़ा.

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अपने से लंबे मुक्केबाज को अमित ने हराया

अपनी लंबाई का इस्तेमाल करते हुए मैकडोनल्ड ने तीसरे राउंड में वापसी की कोशिश की लेकिन एशियाई खेलों के चैम्पियन ने उनके सभी प्रयास नाकाम कर दिये. पंघाल ने सेमीफाइनल में जाम्बिया के तोक्यो ओलंपियन पैट्रिक चिनयेम्बा के खिलाफ वापसी करते हुए जीत दर्ज की थी जो उनके लिये ‘टर्निंग प्वाइंट’ रही. उन्होंने कहा, यह सबसे कठिन मुकाबला रहा और ‘टर्निंग प्वाइंट’ भी. मैंने पहला राउंड गंवा दिया था लेकिन अपना सबकुछ लगाकर वापसी कर जीत हासिल की.

अमित ने इंग्लैंड को फाइनल में हराया

ब्रिटिश प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ रणनीति के बारे में उन्होंने कहा, वह मुझसे काफी लंबा था और मुझे काफी आक्रामक होना पड़ा ताकि मुक्का मारने के लिये उसकी हाथों के अंदर जा सकूं. यह रणनीति कारगर रही. मेरे कोच ने बढ़िया काम किया क्योंकि हमने रणनीति बनायी और मैंने वैसा ही रिंग में किया. विश्व चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता पंघाल ने कहा, मैंने पहले दो राउंड जीतने के लिये अच्छा किया. मुझे लगा कि वह अंतिम राउंड जीत गया लेकिन मैं तब तक उससे काफी आगे जा चुका था. पर वह काफी अच्छा प्रतिद्वंद्वी था.

अमित ने गोल्ड कोस्ट का बदला चुकता किया

उन्होंने कहा, इससे मेरा ऑस्ट्रेलिया (गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल) में फाइनल में हारने का बदला चुकता हो गया. मैं जानता था कि यह काफी चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि मैं इंग्लैंड में उसके ही मुक्केबाज से लड़ रहा था. लेकिन जज निष्पक्ष और सटीक रहे. वहीं सबसे पहले रिंग में उतरी नीतू ने महिलाओं के मिनिममवेट (45-48 किग्रा) वर्ग के फाइनल में विश्व चैम्पियनशिप 2019 की कांस्य पदक विजेता रेस्जटान डेमी जेड को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से पराजित किया.

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