WB News : हाइकोर्ट ने हिरासत में मौत के मामले में पीड़ित परिवार को शव कब्जे में लेने की अनुमति दी

भाजपा ने नदिया जिले के कल्याणी में एम्स या दक्षिण कोलकाता में रक्षा संचालित कमांड अस्पताल जैसे किसी केंद्रीय अस्पताल में शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की. हालांकि, परिजनों ने कलकत्ता हाइकोर्ट को सूचित किया कि वे दूसरे पोस्टमार्टम के इच्छुक नहीं हैं.

कलकत्ता हाइकोर्ट की एक खंडपीठ ने शनिवार को अशोक साव के शव को उसके परिजनों को सौंपने की याचिका को मंजूरी दे दी. अशोक साव की कथित तौर पर इस सप्ताह अम्हर्स्ट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की हिरासत में मौत हो गयी थी. मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने यह भी निर्देश दिया कि शव को एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मुर्दाघर से सुरक्षा घेरे में मध्य कोलकाता में उनके आवास और उसके बाद श्मशान में स्थानांतरित किया जाना चाहिए.

खंडपीठ ने पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई तनाव या अराजकता की स्थिति पैदा न हो. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पीड़ित पर शारीरिक हमले की आशंकाओं को खारिज कर दिया और कहा है कि उसकी मौत का कारण आंतरिक रक्तस्राव था.

Also Read: West Bengal : ममता बनर्जी ने कहा, हर चीज का भगवाकरण कर रही केंद्र सरकार

प्रदेश भाजपा ने शव परीक्षण रिपोर्ट को अम्हर्स्ट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए मनगढ़ंत बताया है. भाजपा ने नदिया जिले के कल्याणी में एम्स या दक्षिण कोलकाता में रक्षा संचालित कमांड अस्पताल जैसे किसी केंद्रीय अस्पताल में शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की. हालांकि, परिजनों ने कलकत्ता हाइकोर्ट को सूचित किया कि वे दूसरे पोस्टमार्टम के इच्छुक नहीं हैं.

Also Read: छठ पर्व के दौरान कोलकाता में हैं लालू यादव व तेजस्वी, ममता बनर्जी से भी होगी मुलाकात! जानिए टूर की वजह..

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >