WB News: स्वास्थ्य विभाग ने दिया निर्देश, एडिनो के लक्षण दिखने पर बच्चों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य

पश्चिम बंगाल में एडिनो वायरस का खतरा बढ़ते जा रहा है. अब एडिनो के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग एडिनो के लक्षण रहने पर कोरना टेस्ट अनिवार्य कर दिया है.

कोलकाता. एडिनो वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर राज्य स्वास्थ्य के अधिकारी संक्रमण पर नजर रख रहे हैं. वहीं, संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए अब विभाग की ओर से एक नया निर्देश जारी किया गया है. इसके तहत अब एडिनो वायरस से संक्रमित होने वाले इसके इसके लक्षण पाये जाने वाले हर बच्चे के लिए कोरोना की आरटीपीसीआर जांच को अनिवार्य कर दिया गया है.

कोरोना का टेस्ट अनिवार्य

स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों व जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशिका की कॉपी भेज दी है. ज्ञात हो कि, स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दी, खांसी व बुखार एडिनोवायरस और कोरोना के लक्षण हैं. चूंकि बच्चों को अब तक कोरोना का टीका लगा नहीं है, इसलिए ऐसे बच्चे इस सीजन में कोरोना की चपेट में भी आ सकते हैं. इस वजह से एहतियात के तौर कोरोना जांच कराये जाने का निर्देश दिया गया है.

एडिनो से होती है श्वसन संबंधी बीमारी

एडिनो वायरस से आमतौर पर श्वसन संबंधी बीमारियां होती हैं, जिसमें सामान्य सर्दी, निमोनिया आदि शामिल हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल एडिनो वायरस संक्रमण के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है जो सर्दी या इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी का कारण बनता है. उन्होंने कहा, ‘‘एडिनो वायरस से संक्रमित व्यक्तियों के लिए कोई स्वीकृत एंटीवायरल दवा या विशिष्ट उपचार नहीं हैं. लगभग 90 प्रतिशत मामले हल्के लक्षण वाले होते हैं और आराम के अलावा बुखार कम करने वाली पेरासिटामोल जैसी दवा दी जा सकती है. एडिनो के लक्षण होने पर बच्चों को अपने हाथ अच्छी तरह से धोने चाहिए और खांसी और जुकाम से पीड़ित व्यक्तियों के पास नहीं जाना चाहिए. वहीं भाप लेने से भी इस बीमारी में बड़ी राहत मिलती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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