ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज की, कहा- हाईकोर्ट को लेने दीजिए फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति (एआईएमसी) की तरफ से दायर याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि हमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. इस मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को फैसला लेने दीजिए.

ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति (एआईएमसी) की तरफ से दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2021 से सुनवाई कर रही एकल न्यायाधीश की पीठ से मामला वापस लेने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रशासनिक फैसले को चुनौती दी गई थी. एकल-न्यायाधीश की पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद वाली जगह पर एक मंदिर बहाल करने का अनुरोध करने वाले वाद के सुनवाई योग्य होने को चुनौती दी गई थी. इस याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने की. कोर्ट में मस्जिद समिति के तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी की दलीलें सुनने के बाद इस याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि हमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. इस मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को फैसला लेने दीजिए.

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर करेंगे सुनवाई

मुस्लिम पक्ष की तरफ से अगस्त महीने में याचिका दाखिल की थी. इसमें हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा सिंगल जज बेंच से अपनी कोर्ट में ट्रांसफर करने को आदेश को चुनौती दी गई थी. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया. पहले हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई जज प्रकाश पाडिया कर रहे थे. बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्ञानवापी से जुड़े पांच मामले हैं, इन सभी 5 मामलों की सुनवाई एक साथ हो रही थी. जज प्रकाश पाडिया बीते अगस्त महीने में ट्रांसफर झारखंड हाईकोर्ट में हुआ है. जिसके बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने ये केस अपने पास ट्रांसफर कर लिया था. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

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हाईकोर्ट में 8 नवंबर को होगी सुनवाई

बीते सोमवार को इस मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी. अब हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई आठ नवंबर को होगी. बीते सोमवार को सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने कहा था कि केस ट्रांसफर करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. अदालत 6 नवंबर तक फैसला सुना देगी. जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए 8 नवंबर की तारीख दी थी. दरअसल, हाईकोर्ट ज्ञानवापी से जुड़ी पांच याचिकाओं की एक साथ सुनवाई कर रहा है. इसमें 3 याचिकाएं 1991 में वाराणसी की अदालत में दाखिल किए गए केस से जुड़ा है. जिसमें विवादित परिसर हिंदुओं को सौंप जाने और वहां पूजा-अर्चना की इजाजत मांगी गई है. अब हाईकोर्ट को तय करना है कि वाराणसी की जिला अदालत मामले पर सुनवाई कर सकती है या नहीं.

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Author: Sandeep kumar

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