कोलकाता में सरकारी शिक्षण संस्थानों को नहीं देना होगा संपत्ति कर, विधेयक पारित

मंत्री श्री हकीम ने बताया कि, निगम क्षेत्र में आने वाले 1963 शिक्षण संस्थान लाभान्वित होंगे. उन्होंने बताया कि, कोलकाता में सरकारी व राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त 1329 प्राथमिक, 556 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक और 78 कॉलेज हैं.

कोलकाता, शिव कुमार राउत : महानगर में सरकारी जमीन या मकान में राज्य सरकार द्वारा संचालित या पोषित शैक्षणिक संस्थानों को अब संपत्ति कर नहीं देना होगा. कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में ऐसी जमीन या इमारतों को संपत्ति कर के दायरे से मुक्त करने के लिए शुक्रवार को विधानसभा के विस्तारित मॉनसून सत्र में कोलकाता नगर निगम (संशोधन) बिल 2023 को ध्वनिमत से पारित किया गया. 1980 अधिनियम की संबंधित धारा में संशोधन किया गया है. विधानसभा में राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने इस बिल को सदन में पेश किया. अब विधेयक को राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस को भेजा जायेगा. राज्यपाल के हस्ताक्षर से यह विधेयक कानून बन जायेगा.

निगम क्षेत्र में आने वाले 1963 शिक्षण संस्थान होंगे लाभान्वित

विधेयक को विधानसभा में पेश किये जाने के दौरान मंत्री श्री हकीम ने बताया कि, निगम क्षेत्र में आने वाले 1963 शिक्षण संस्थान लाभान्वित होंगे. उन्होंने बताया कि, कोलकाता में सरकारी व राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त 1329 प्राथमिक, 556 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक और 78 कॉलेज हैं. उन्होंने बताया कि, सरकारी अनुदान पर इन शिक्षण संस्थानों का संचालन होता है. इस वजह से ये संपत्ति कर का भुगतान नहीं कर पाते हैं. ऐसे में हर साल करीब 10 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया रह जाता है. इस वजह से इन शिक्षण संस्थानों को कर मुक्त कर दिया गया है. बताया कि हावड़ा में पहले ही इस कानून को लागू किया गया है.

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पश्चिम बंग दिवस पर सात को प्रस्ताव पर चर्चा

‘पश्चिम बंग दिवस’ किस दिन मनाया जायेगा, इस विषय पर चर्चा के लिए विधानसभा में सात सितंबर को प्रस्ताव पेश किया जायेगा. इस दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सदन में उपस्थित रह सकती हैं. ऐसे में इसी दिन तय कर दिया जा सकता है कि राज्य में पश्चिम बंग दिवस किस दिन मनाया जायेगा. गौरतलब है कि सात सितंबर को ही सदन का मॉनसून सत्र भी समाप्त हो जायेगा.

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सदन में मोबाइल पर बात करनेवाले विधायकों को स्पीकर की कड़ी चेतावनी

सदन की कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन पर बात करनेवाले विधायकों को विधानसभा के स्पीकर ने चेतावनी दी है. सदन के भीतर मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर स्पीकर बिमान बनर्जी सख्त दिखे. कई बार सदन की कार्यवाही के दौरान विधायकों के मोबाइल फोन की घंटी बजने लगती है. शुक्रवार को भी ऐसा ही हुआ. सदन में कई बार विधायकों के मोबाइल की घंटी बजी. विधायक चर्चा के बीच में ही अपने फोन पर बात भी करते देखे गये. ऐसे में सत्र के दौरान विधायकों के मोबाइल फोन की घंटी बार-बार बजने से स्पीकर नाराज हो गये. उन्होंने विधायकों को सख्त चेतावनी दी.

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अब सदन में फोन पर बात नहीं कर पायेंगे विधायक

स्पीकर बिमान बनर्जी ने कहा कि अब से इस तरह से सत्र में मोबाइल पर बात की, तो सत्र कक्ष में फोन पर प्रतिबंध लगा देंगे. उन्होंने कहा मैंने देखा, जब विधायकों का फोन बजता है, तो वे चर्चा के दौरान फोन पर बात कर रहे होते हैं. इससे चर्चा बाधित होती है. महत्वपूर्ण निर्णय लेने में कठिनाई होती है. आखिरी बार सदन में मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर सावधान कर रहा हूं. अन्यथा, विधायकों को विधानसभा में प्रवेश करने से पहले मोबाइल फोन बाहर छोड़ना होगा. अध्यक्ष के इस तरह के बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में विधानसभा में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लग सकती है.

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