West Bengal: मकर संक्रांति पर आस्था की डुबकी, गंगासागर मेले में 40 तीर्थयात्री लापता, 652 बिछड़े लोग मिले

संस्था के सेवा सचिव प्रेमनाथ दुबे ने बताया कि 11 से लेकर 14 जनवरी तक की गणना के अनुसार अब उन्होंने परिवार से बिछड़े 652 लोगों को खोजकर उनके परिवार वालों को सौंप दिया है, जबकि 40 बिछड़ने वाले लोगों का अब तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है. वो उनका पता लगाने के लिए बार-बार माइक से एनाउंसमेंट कर रहे हैं.

गंगासागर, नम्रता पांडेय. मकर संक्रांति के अवसर पर शनिवार को लाखों की तादाद में लोगों ने गंगा और सागर के पवित्र संगम स्थल पर आस्था की डुबकी लगायी है. इस दौरान प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद अव्यवस्था देखी गयी. कई लोगों ने इस मेले में अपने प्रियजनों को खो दिया है, जो अब तक नहीं मिल पाए हैं. सुंदरवन पुलिस के साथ मिलकर गंगासागर मेले में खोया और पाया का काम देख रही स्वयंसेवी संस्था बजरंग परिषद का ये दावा है.

652 बिछड़े लोग परिवार से मिले

संस्था के सेवा सचिव प्रेमनाथ दुबे ने बताया कि 11 से लेकर 14 जनवरी तक की गणना के अनुसार अब उन्होंने परिवार से बिछड़े 652 लोगों को खोजकर उनके परिवार वालों को सौंप दिया है, जबकि 40 बिछड़ने वाले लोगों का अब तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है. वो उनका पता लगाने के लिए बार-बार माइक से एनाउंसमेंट कर रहे हैं.

गंगासागर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

पुलिस अधिकारियों व हैम रेडियो वालों से भी सूचना साझा की गयी है. हरि दुबे ने कहा है कि हजारों बसें बफर जोन में फंसी हुई हैं. लॉट आठ में इतनी ज्यादा भीड़ है कि उन बसों को गंगासागर के लिए छोड़ना प्रशासन के लिए संभव नहीं हो पा रहा है. ऐसी स्थिति में परिवार के लोग एक दूसरे से बिछड़ जा रहे हैं.

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