Kashi Vishwanath Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण करने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. उन्होंने मंत्रोच्चारण के बीच 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ पर चढ़ाकर आशीर्वाद लिया. इसके बाद वे मंदिर के निर्माण कार्य में पसीना बहाने वाले मजदूरों पर फूल बरसा कर उनका स्वागत किया. इसके बाद वे साधू-संतों के बीच जाकर अपने स्थान पर बैठ गए. इस नजारे को राजनीतिक चश्मे से देखने वालों ने इसे चुनावी संदेश देने में देरी नहीं की.
इस बारे में उत्तर प्रदेश की राजनीति को बारीकी से लंबे समय से कवर करते आ रहे एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर कदम सियासी होता है. वह उन्होंने काशी में पहले मजदूरों पर फूलों की बारिश की और उसके बाद उन्हें अपने करीब बुलाकर सेल्फी ली है. इससे साफ विदित होता है कि वे गरीब और मजदूर वर्ग को एक संदेश देना चाहते हैं. इसके बाद वे संतों के बीच में रखी गई अपनी कुर्सी पर बैठ गए. उन्होंने कहा, ‘यह इत्तिफाक कम राजनीतिक संदेश ज्यादा लगता है.’
काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का लोकार्पण करने पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी की एक झलक पाने के लिए काशी के सड़कों पर बनारस में उनके दीवाने सड़क पर उतर आए हैं. कड़ी एसपीजी सुरक्षा घेरे के बीच ललिता देवी घाट से काशी विश्वनाथ की शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए पीएम मोदी स्वयं ही गंगाजल को कलश में समेटकर धाम पहुंचे. इस बीच ढोल, नगाड़े और डमरू की धुन से उनका भव्य स्वागत किया गया.
