झारखंड : पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा व बरसोल में मानसून की पहली बारिश ने टमाटर के बढ़ाए तेवर, कीमत 100 के पास

मानसून की पहली बारिश ने ही टमाटर को लाल कर दिया है. पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा और बरसोल में टमाटर के दाम 100 रुपये के करीब पहुंच गया है. वहीं, अन्य सब्जियों के दाम भी बढ़ने लगे हैं. इसके कारण लोगों का बजट एक बार फिर बिगड़ने लगा है.

बरसोल (पूर्वी सिंहभूम), गौरब पाल : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा और बरसोल क्षेत्र में टमाटर के तेवर बढ़े हुए हैं. मानसून की पहली बारिश से ही टमाटर के दाम आसमान छूने लगे हैं. क्षेत्र में 80 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर टमाटर बिक रहा है. गर्मी के बाद तुरंत आयी बारिश की वजह से सब्जियों के फसलों को नुकसान और मंडियों में पहुंचने में देरी की वजह से टमाटर की कीमतों में उछाल आया है. गैस के बाद अब सब्ज‍ियों की आसमान छूती कीमतें भी लाेगों की कमर तोड़ रखी है. इनदिनों क्षेत्र में टमाटर सेंचुरी लगाने को तैयार है.

बरसोल के क्षेत्र में 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा टमाटर

बरसोल के जगन्नाथपुर, खंडामौदा, मानुसमुड़िया समेत पश्चिम बंगाल के कई गांवों में टमाटर की खुदरा कीमतें 75 रुपये से लेकर 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. बताया गया कि बारिश की वजह से फसलों को नुकसान और मंडियों में पहुंचने में देरी की वजह से टमाटर की कीमतों में उछाल आया है. जगन्नाथपुर के सब्जी विक्रेता तपन दत्त के मुताबिक, टमाटर की खुदरा कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है.

दर्जनों से अधिक गांवों में भाव आसमान पर

बहरागोड़ा और बरसोल के दर्जनों गांव में टमाटर 80 रुपये प्रति किलो से ऊपर बिक रहा है. यहां तक कि थोक बाजार में भी टमाटर की कीमतें काफी अधिक है. थोक बाजार की बात करें, तो बरसोल में टमाटर 84 रुपये, बहरागोड़ा में 80 रुपये, गोपिबल्लपुर में 80 रुपये और झाड़ग्राम में 85 रुपये प्रति किलो बिक रही है.

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क्यों आयी तेजी

टमाटर के उत्पादक क्षेत्रों में गर्मी के बाद अचानक आयी बारिश ने इस फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है. टमाटर की नई फसल दो से तीन महीने बाद ही आएगी. उसके बाद ही रेट में गिरावट की उम्मीद की जा सकती है. कारोबारियों के मुताबिक, अभी सभी टमाटर उडिशा के भद्रक जिले से आ रही है.

ज्यादातर सब्जियां महंगी

बहरागोड़ा, बरसोल समेत पश्चिम बंगाल के क्षेत्र में सब्जियों के दामों में वृद्धि देखने को मिल रही है. कीमतों में बढ़ोतरी होलसेल मार्केट से लेकर रिटेल मार्केट तक है. टमाटर पर सबसे अधिक महंगाई की मार है. पेट्रोल-डीजल के भाव में बढ़ोतरी का असर अब लोगों की रसोई पर भी नजर आ रहा है.

बारिश का असर टमाटर पर भी पड़ा, आपूर्ति हो रही कम

बरसोल की पूजा पाल, एतश्री दास, देवश्री पाल, सुमि खाटुआ, मोनालिसा गिरि, मंजू दास, नंदिनी साहू समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि सिर्फ टमाटर ही नहीं, बल्कि अन्य हरी सब्जियों के दाम भी सातवें आसमान पर है. ऊपर से गैस का दाम भी बढ़ा हुआ है. कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से लोग परेशान हैं. पहले जहां कम कीमत में टमाटर मिलता था, वहीं अब 80 रुपये प्रति किलो से अधिक की दर पर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है. इसके कारण घर का बजट पहले से ही बिगड़ा हुआ है. कभी सोचा नहीं था कि टमाटर का भाव भी सेंचुरी की और बढ़ने लगेगा.

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