बरेली के दिव्यांग बेबी मुस्कान ने 12वीं में हासिल किए 80 फीसद अंक, जानें शहर के होनहार बच्चों की सफलता का राज

सोशल मीडिया का दौर चल रहा है. मगर, इसके सही इस्तेमाल से बड़ी सफलता भी हासिल की जा सकती है. यह बात शहर के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के सुर्खा बानखाना निवासी गौरी शंकर गंगवार के बेटे आदित्य गंगवार ने इंटर में 95 फीसद अंक हासिल कर सही साबित की है.

UP Board Result 2023: सोशल मीडिया का दौर चल रहा है. मगर, इसके सही इस्तेमाल से बड़ी सफलता भी हासिल की जा सकती है. यह बात शहर के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के सुर्खा बानखाना निवासी गौरी शंकर गंगवार के बेटे आदित्य गंगवार ने इंटर में 95 फीसद अंक हासिल कर सही साबित की है. उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 15 से 16 घंटे पढ़ाई की. मगर, पढ़ाई के दौरान हर सवाल का जवाब सोशल मीडिया से हासिल कर एग्जाम में 95 फीसद अंक प्राप्त किए.

पैर से दिव्यांग बेबी मुस्कान ने इंटर में हासिल की 80 फीसद

इसी तरह से पैर में कमी (दिव्यांग) होने के बाद भी प्रतिदिन 10 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली बेबी मुस्कान ने इंटर में 80 फीसद हासिल कर बड़ा मुकाम हासिल किया है. देहात के आलमपुर गांव निवासी बेबी मुस्कान शाहजहांपुर रोड के नकटिया स्थित जनता इंग्लिश इंटर कॉलेज में पढ़ाई करती है. उन्होंने 80 फीसद अंक लाकर टॉप किया है. उनके पिता मजदूरी करते हैं, लेकिन उनका सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है.

एग्जाम के दौरान पिता की हो गई इंतकाल मगर टूटने न दी हौसला

इसी कॉलेज की निदा फातिमा ने 12वीं क्लास में 77 फीसद अंक लेकर परिवार का नाम रोशन किया है. जनता इंटर कॉलेज के फराज़ और शिफा मिर्जा ने इंटर में 76-76 फीसद अंक हासिल किए हैं. इंटर की स्टूडेंट शिफा मिर्जा ने बताया कि एग्जाम के दौरान पिता की इंतकाल (मृत्य) हो गई थी. इसके बाद गम (अफसोस) में थीं. पढ़ाई भी ठप हो गई. मगर, मां ने हौसला दिया. इसके बाद खुद को संभाला. इसके बाद मन लगाकर पढ़ाई कर टॉपर बनी.

ऑटो ड्राइवर के बेटे ने हासिल लिए 83.8 फीसद अंक

यूपी बोर्ड की 10वीं का एग्जाम देने वाले साहिल उस्मानी ने 83.8 फिसदी अंक हासिल किए. उनके पिता ऑटो ड्राइवर हैं. वहीं मुहम्मद फरहान खान ने 83.1 और आशिया ने 82 फीसद अंक प्राप्त किए हैं. स्टूडेंट को कॉलेज के प्रिंसिपल और टीचर ने बधाई दी रहै.

जरी का काम कर जमा की स्कूल फीस, फिर हासिल की मंजिल

शहर के इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा सोफिया ने सूट आदि की सिलाई कर स्कूल की फीस भरी. इसके बाद 10वीं में 80 फीसद अंक हासिल किए. वह बदायूं रोड के करगैना में अपनी नानी के घर रहती थी. इसी तरह से बाकरगंज निवासी वाहिद अली की बेटी इलमा ने जरी (कारचोबी) का काम कर अपनी पढ़ाई का खर्च उठाया. इसके बाद 80 फीसद से अधिक अंक हासिल किए हैं.

रहपुरा चौधरी निवासी छात्रा रूबी ने भी जरी का काम कर खुद की पढ़ाई का खर्च उठाया और 80 फीसद हासिल किए हैं. बरेली के छात्र-छात्राओं ने कड़ी मेहनत के बाद सफलता हासिल की है.

रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद, बरेली

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By Prabhat Khabar News Desk

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