हेमंत सोरेन सरकार में खुलेआम हो रही कोयले की लूट, बाघमारा में गरजे बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर फेल है. पीएम आवास का पैसा अधिकारी इधर से उधर भेज दे रहे हैं. केंद्र की आयुष्मान योजना में गरीबों का इलाज भी नहीं करवा पा रही है.

केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनते ही उन्होंने मां-बहनों की इज्जत का ख्याल कर शौचालय बनवाये. हर भारतीय का जन-धन खाता खुलवाया, ताकि सूदखोरों से उनका बचाव हो. कोरोना काल में गरीबों के खाते में पैसे भेजे गये. अनाज भी दिये गये. उज्ज्वला योजना में गरीबों को केंद्र सरकार 200 रुपये सब्सिडी दे रही है. महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को लागू किया.

उक्त बातें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कही. वह गुरुवार को बाघमारा पोलो ग्राउंड में बतौर मुख्य अतिथि बाघमारा विधानसभा की भाजपा की संकल्प यात्रा को संबोधित कर रहे थे. इससे पहले माथाबांध फुटबॉल ग्राउंड से संकल्प यात्रा बाघमारा विधायक ढुलू महतो के नेतृत्व में शुरू की गयी, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए. बाबूलाल मरांडी भी साथ चल रहे थे.

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर फेल है. पीएम आवास का पैसा अधिकारी इधर से उधर भेज दे रहे हैं. केंद्र की आयुष्मान योजना में गरीबों का इलाज भी नहीं करवा पा रही है.

हेमंत सरकार में खुलेआम कोयले की लूट हो रही है. गृह विभाग की रिपोर्ट है कि हर रोज पांच हत्या व लूट की घटनाएं हो रही हैं. पुलिस को हेमंत सोरेन ने वसूली के लिए रखा है. ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करने आपके बीच आये हैं. भाजपा की सरकार बनी तो लूट के पैसे को निकाल कर जनता के काम में लगवा देंगे.

उन्होंने कहा कि स्थिति इस कदर खराब हो गयी है कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने और राशन कार्ड में नाम चढ़वाने के लिए भी पैसे देने पड़ रहे हैं. हेमंत सोरेन कहते हैं कि हम शिबू सोरेन के बेटे हैं, डरते नहीं. सच तो यह है कि महाजनों के विरोध में लड़ते हुए अपने महाजन बन गये हैं. 108 डीड मेरी गाड़ी में रखे हुए हैं, जिसमें आदिवासियों से लूटी गयी संपत्ति का ब्योरा है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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