मधुबनी के बेनीपट्टी हत्याकांड को लेकर तेजप्रताप यादव ने सीएम नीतीश पर किया हमला, ट्वीट कर कही ये बात...

मधुबनी के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में होली के दिन 5 लोगों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई. हत्याकांड का मामला अब बड़ा तूल पकड़ चुका है. एक तरफ जहां आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है वहीं अब राजद के विधायक व लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने सरकार को लताड़ लगाई है. इस हत्याकांड पर अभी तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है जिसे मुद्दा बनाकर तेज प्रताप ने बिना नाम लिये उनपर हमला किया है.

मधुबनी के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में होली के दिन 5 लोगों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई. हत्याकांड का मामला अब बड़ा तूल पकड़ चुका है. एक तरफ जहां आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है वहीं अब राजद के विधायक व लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने सरकार को लताड़ लगाई है. इस हत्याकांड पर अभी तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है जिसे मुद्दा बनाकर तेज प्रताप ने बिना नाम लिये उनपर हमला किया है.

बेनीपट्टी हत्याकांड में सीएम नीतीश कुमार की चुप्पी को मुद्दा बनाकर तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया के जरिए उन पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने इसे लेकर एक ट्वीट किया है जिसमें सारी मर्यादाएं लांघ भी दी गई हैं. उन्होंने चुप्पी को मुद्दा बनाकर बहरा, अंधा और गूंगा तक जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर दिया.

इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है कि मधुबनी के मोहम्मदपुर गांव में सत्ता संरक्षित अपराधियों ने होली के दिन एक ही परिवार के पांच लोगों का नरसंहार किया है. उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की.


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वहीं कांग्रेस पार्टी के विधान परिषद सदस्य प्रेमचंद्र मिश्रा ने मधुबनी जिले के महमदपुर में होली के दिन हुए नरसंहार के दोषियों की अबतक गिरफ्तारी नहीं होने को सरकार की बड़ी विफलता बताया है. उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे स्वयं इस मामले को देखे और परिजनों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करें.

उन्होंने घटना को जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि जिस क्रूरता से अपराधियों ने पांच लोगों की निर्मम हत्या की वह सुनियोजित तरीके से अपराध को अंजाम देनेवालों के दुःसाहस को दर्शाता है. इतने बड़े आपराधिक घटना के बावजूद एफआइआर में दर्ज 35 नामजदों का पुलिस के गिरफ्त से अभी तक बाहर रहना सरकारी तंत्र की निष्क्रियता को साबित कर रहा है.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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