एक साल पहले भी पुलिस ने फर्जी वैक्सीनेशन कांड के सरगना देबांजन से की थी पूछताछ

Fake Vaccination News: कोलकाता में फर्जी टीकाकरण कराने वाले फर्जी आइएएस अधिकारी की कुंडली खंगाल रही कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

कोलकाता: फर्जी वैक्सीनेशन कांड के सरगना देबांजन देव से एक साल पहले भी पुलिस ने पूछताछ की थी. कोलकाता से सटे विधाननगर की पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में उससे पूछताछ की गयी थी. कोलकाता में फर्जी टीकाकरण कराने वाले फर्जी आइएएस अधिकारी की कुंडली खंगाल रही कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

कोलकाता पुलिस के इस अधिकारी ने बताया कि उस समय देव के परिवार को पता चला कि उनका बेटा आइएएस अधिकारी नहीं है. पुलिस अधिकारी ने बताया मार्च 2020 में देव से इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स थाना में पूछताछ की गयी थी. उस वक्त उसके खिलाफ नौकरी के संबंध में धोखाधड़ी के प्रयास की मौखिक शिकायत की गयी थी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस बीच, टीकाकरण शिविर मामले की जांच कर रहे जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि पिछले साल सितंबर और अक्टूबर के बीच, देबांजन देव ने कसबा इलाके में एक कमरा किराये पर लिया और इसे अपने कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. इस कमरे का मासिक किराया 65,000 रुपये था.

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छापामारी कर अखबार में तस्वीर के साथ छपवायी रिपोर्ट

पुलिस अधिकारी ने बताया कि देबांजन देव ने आइएएस अधिकारी के रूप में एक छापा भी मारा. छापामारी की तस्वीर के साथ इसकी रिपोर्ट एक समाचार पत्र में प्रकाशित की गयी थी. उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के जासूसी विभाग की एक टीम ने आनंदपुर में देव के घर पर छापा मारा और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कई मुहर और जाली दस्तावेज जब्त किये.

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पुलिस अधिकारी ने कहा है कि देव के पिता इस वक्त पृथकवास (कोरेंटिन) में हैं, क्योंकि वह कोरोना से पीड़ित हैं. हमने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लोगो के साथ कई फर्जी दस्तावेज और कुछ मुहरें जब्त की हैं. हमने तीन डेबिट कार्ड और बैंक पासबुक भी जब्त की है.

गौरतलब है कि देव को कुछ दिन पहले स्वयं को कोलकाता नगर निगम के संयुक्त आयुक्त के रूप में पेश करने और कस्बा इलाके में एक फर्जी टीकाकरण शिविर संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां अभिनेत्री और तृणमूल कांग्रेस सांसद मिमी चक्रवर्ती ने भी टीका लगवाया था.

उसके तीन सहयोगियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने उनके खिलाफ आइपीसी की अन्य धाराओं के साथ हत्या के प्रयास के आरोप को लेकर भी मामला दर्ज किया है. जैसे-जैसे कोलकाता पुलिस की इस मामले में जांच आगे बढ़ रही है, एक से बढ़कर एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं.

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Posted By: Mithilesh Jha

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