पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाकी बचे चार चरण के वोट तय तारीखों में ही होंगे. तारीखों को मर्ज करके एक ही बार में सभी चार चरणों के चुनाव को एक बार में कराने की चुनाव आयोग के पास फिलहाल कोई योजना नहीं है. एएनआई के मुताबिक चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान की तारीखों को क्लब करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है.
इन सबके बीच बड़ी खबर यह है कि चुनावी रैलियों में उड़ती कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियों को देखते हुए शुक्रवार (16 अप्रैल) को चुनाव आयोग ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है. इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. बैठक में कोरोना संकट को लेकर विचार किया जाएगा.
बता दे कि देश और बंगाल में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच सोशल मीडिया पर कई तरह के ट्वीट्स वायरल हो रहे थे. सोशल मीडिया पर बाकी बचे चरणों की वोटिंग एक साथ कराने की सलाह भी दी जा रही है. इसके पीछे चुनावी रैलियों और रोड शो में कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन है और राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण का जिक्र भी. इसके बाद चुनाव आयोग ने कहा कि फिलहाल मतदान की तारीखे की क्लबिंग का कोई प्लान है.
बंगाल में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण, चुनावी रैलियों में दम तोड़ती कोरोना गाइडलाइंस और नेताओं के बेलगाम बयानों से ट्विटर यूजर्स खासे नाराज हैं. कई ट्विटर यूजर्स का मानना है कि चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल में बाकी बची सीटों का चुनाव एक ही चरण में करा लेना चाहिए. अप्रत्याशित समय, अप्रत्याशित निर्णय मांगता है. कई दूसरे यूजर्स भी इसी तरह के ट्वीट करते दिख रहे हैं. राजनीतिक पार्टियां कोरोना के बढ़ते मामलों पर एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं.
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद पीएम मोदी देश में लॉकडाउन की घोषणा करेंगे. क्योंकि प्रधानमंत्री के लिए जनता की जान से ज्यादा चुनाव महत्वपूर्ण है. बता दें पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश मे कोरोना संक्रमण के नये मामलों में जबरदस्त तेजी आयी है. इस बीच पश्चिम बंगाल में चुनाव हो रहे हैं. चार चरण का चुनाव अभी होना बाकी है. चुनावी रैलियों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है.
Posted By: Pawan Singh
